सुलेखा से जुड़ी बलिया की बेटी स्मृति, खूब मिल रही बधाईयां


बलिया। कोरोना महामारी में पढ़ने-पढ़ाने वालों के लिए सरकार तमाम तरह की योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। बावजूद इसके उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं नेटवर्क की समस्या है तो कर्हीं संसाधनों की। फिर भी लक्ष्य वालों के लिए ये बाधाएं नगण्य है। इसका जीता-जागता उदाहरण बांसडीह तहसील क्षेत्र के केवरा गांव की बेटी स्मृति उर्फ नीशू है। कोरोना काल में बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देने में जुटी स्मृति का नाम अब सुलेखा से जुड़ गया है। इस उपलब्धि से स्मृति काफी खुश है। घर-परिवार में खुशी है। गांव की बेटी की सफलता से हर कोई खुश है।

तमाम परेशानियों के बीच सुलेखा के जरिये मिली उपलब्धि


स्मृति पुत्री जितेंद्र मिश्र (भतीजी नरेंद्र मिश्र पत्रकार) अपनी मेहनत से इस मुकाम तक पहुंची है। गांव में पली-बढ़ी स्मृति को मिली यह मुकाम किसी बड़ी परीक्षा को पास करने से कम नहीं है। कोरोना काल में  स्मृति  बहुत ही निष्ठा के साथ ऑनलाइन अंग्रेजी का क्लास ली। वह भी ऐसे गांव से जहां पर हरेक कम्पनियों का टॉवर तो जरूर लगा है, परन्तु नेटवर्क की समस्या हमेशा रहती है। नेटवर्क के लिए कभी घर में... कभी छत पर... कभी दरवाजे के कोने पर जाकर ऑनलाइन क्लास के जरिये बच्चों को शिक्षा देने में जुटी रही, स्मृति अब सुलेखा से जुड़ गई है। स्मृति ने बताया कि आज मैं इसलिए खुश हूं कि सुलेखा जैसा जरिया मुझे मिला है, जिसकी वजह से मेरे मेहनत का प्रतिफल मिलेगा। मैं और तन्मयता के साथ सुचारू रूप से ऑनलाइन अंग्रेजी पढ़ा सकूंगी। 

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