खेल मंत्री के हाथों 'भृगुनगरी' में सम्मानित हुए अर्जुन अवॉर्डी विशेष भृगुवंशी


बलिया। अर्जुन पुरस्कार विजेता विशेष भृगुवंशी‌ को उत्तर प्रदेश के खेल राज्य मंत्री उपेन्द्र तिवारी के आवास पर आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। अर्जुन पुरस्कार विजेता भारतीय टीम के कप्तान एवं उनके बड़े भाई अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रशिक्षक विभोर भृगुवंशी खेल राज्य मंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे। 
खेल राज्य मंत्री ने भृगुवंशी बंधुओं का स्वागत करते हुए कहा कि अर्जुन पुरस्कार विजेता विशेष रघुवंशी भारतीय खेल जगत की धरोहर है। उत्तर प्रदेश को ऐसी खेल विभूति पर गर्व है। अर्जुन पुरस्कार प्राप्त करने के बाद बलिया की धरती पर मैं विशेष का स्वागत करता हूं। आशा करता हूं कि भविष्य में भी विशेष भारत को अंतरराष्ट्रीय फलक पर गौरवान्वित करते रहेंगे।खेल मंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में हम ओलंपिक पदक तालिका में टॉप टेन में पहुंचे। इसके लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। सम्मान समारोह का संचालन करते हुए क्रीड़ाधिकारी डॉ अतुल सिन्हा ने कहा कि विशेष भारतीय बास्केटबॉल के विशिष्ट खिलाड़ी हैं। मेरे लिए यह गौरव की बात है कि मैंने विशेष को प्रशिक्षण दिया है। क्रीड़ाधिकारी ने खेल मंत्री को खेल विकास के लिए प्रयत्नशील रहने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

भृगुवंशी बंधुओं को जिला बास्केटबॉल संघ ने भी किया सम्मानित

जिला बास्केटबॉल संघ बलिया के सचिव धनंजय सिंह ने कहा कि हम सब के लिए गौरव का विषय है कि भारतीय बास्केटबॉल के कप्तान हमारे मध्य उपस्थित है। इस अवसर पर उप क्रीड़ाधिकारी अजय प्रताप साहू, अध्यक्ष अजय सिंह, दिनेश सिंह रघुनाथ सिंह, नीरज राय, राजेश सिंह, कमल राय, शिवम राय, राकेश सिंह राहुल चौहान, अविनाश पांडे, तनय अभय, तन्मय, दिव्य प्रकाश पांडे अंकित, रौनक आदि उपस्थित रहे। 

नवोदित बास्केटबॉल खिलाड़ियों को मार्गदर्शन

विशेष भृगुवंशी ने बलिया के नवोदित बास्केटबॉल खिलाड़ियों से अपने खेल अनुभवों को साझा किया। साथ ही उनको भविष्य में बड़ा खिलाड़ी बनने के लिए मार्गदर्शन और शुभकामनाएं दी।  साथ में उपस्थित क्रीड़ाधिकारी ने विशेष के खिलाड़ी के रूप में बचपन के दिनों से खेल के प्रति जुनून के विषय में उपस्थित खिलाड़ियों से चर्चा की। कहा कि निरंतर अभ्यास के माध्यम से आप सब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं। 

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