बलिया टू नोएडा : रेलवे को मिली बड़ी सफलता


बलिया। सेंट्रल इंवेस्टीगेशन ब्यूरो व रेलवे पुलिस बल की संयुक्त टीम ने अवैध रेल टिकट का गोरखधंधा करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई मुखबिरों की निशानदेही पर की। सबसे पहले बांसडीह कस्बा एक इंस्टीटयूट में फर्जी रेल टिकट बनाने वाले पिंडहरा निवासी अवनीश शर्मा उर्फ मृत्युंजय को दबोचा गया। अवनीश IRCTC की तीन पर्सनल साइट से अवैध ई-टिकट बनाता था। उसकी निशानदेही पर आरपीएफ ने नोएडा स्थित एक कम्प्यूटर इंस्टीयूट से फर्जी रेल टिकट का गोरखधंधा करने वाले साफ्टवेयर डिजाइनर गैंग के चार युवकों को गिरफ्तार किया गया। 

बांसडीह में पकड़े गए युवक ने बताया कि लॉकडाउन में पैसों के अभाव में वह अवैध टिकट बनाने लगा था। इससे करीब डेढ़ वर्ष पहले उसने ग्लोबल व‌र्ल्ड कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट, सूरजपुर साइट एचसीएच ब्लॉक, मेन रोड, दादरी, ग्रेटर नोएडा में काम किया है। उस इंस्टीट्यूट को रूपेश रावत, अनिल यादव उर्फ मो. अख्तर तथा रंजीत यादव चलाते हैं। वहां अनाधिकृत तत्काल रेल टिकट बनाने वाले सॉफ्टवेयर की ऑनलाइन बिक्री की जाती है।आरपीएफ प्रभारी अजय सिंह ने गाजियाबाद के प्रभारी निरीक्षक पीकेजीए नायडू और सफदरजंग प्रभारी नितिन मेहरा से संपर्क कर मामले की जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर आरपीएफ टीम ने देवला गांव ग्रेटर नोएडा में तीन स्थानों पर छापेमारी की, जहां रेलवे के तत्काल ई टिकट सॉफ्टवेयर व फर्जी वेब डिजाइन गिरोह के चार सदस्य सादान अली (सॉफ्टवेयर वेब डिजाइनर), गिरोह का मास्टर माइंड अनिल यादव और एजेंट बादल सिंह तथा रूपेश यादव को गिरफ्तार किया गया। 

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