Forbes Magazine में नामित युवा सोच पल्लव नधानी ने सनबीम बलिया के बच्चों को दिया सफलता का मंत्र


बलिया। शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी सनबीम स्कूल बलिया के छात्र-छात्राओं के लिए शनिवार का दिन शानदार रहा, क्योंकि उन्हें युवा सोच पल्लव नधानी ने सनबीम स्कूल बलिया के वर्चुअल मंच से नेतृत्व, नवीनीकरण और आत्मनिर्भर भारत की राह दिखाई। नित नए प्रयोग कर बच्चों के चातुर्दिक विकास के लिए तत्पर सनबीम बलिया ने जहां चाह वहां राह को चरितार्थ कर Forbes Magazine में नामित पल्लव नधानी को वर्चुअल मंच पर लाने का अनूठा काम किया। स्कूल के बच्चे युवा सोच व्यक्तित्व को अपने बीच पाकर काफी खुश थे। 

बता दे कि सनबीम स्कूल समय-समय पर देश के विभिन्न सफल हस्तियों को मार्गदर्शन के लिए आमंत्रित करता आया है। वैश्विक महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण आज़  आवागमन के साधन बेशक स्थगित हो गए हैं, परन्तु विचारों के प्रवाह को विद्यालय प्रबंधन द्वारा कभी थमने नहीं दिया गया। 6 माह से सफलता पूर्वक आनलाइन कक्षाएं संचालित कराने के साथ ही साथ आए दिन छात्रों में जीवन्तता और उत्साह बनाए रखने के लिए देश के विभिन्न सफल व्यक्तियों को जूम के वर्चुअल मंच के माध्यम से आमंत्रित करता रहा है। 

इस वैश्विक आपदा की निराशाजनक परिस्थिति से उबरने के लिए पहले मनोचिकित्सक डॉ बीडी तिवारी, तत्पश्चात प्रसिद्ध बाल-मनोवैज्ञानिक सलोनी प्रिया और अब करियर काउंसिल के गुर साझा करने के लिए 30 साल से भी कम उम्र के Forbes Magazine में नामित युवा अचिवर, जो फ्यूजन चार्ट्स के संस्थापक और चार्ट्स.काम के संस्थापक तथा CEO पल्लव नधानी को आमंत्रित किया। भागलपुर के एक मारवाड़ी परिवार में जन्मे पल्लव नधानी 16 साल की उम्र में ही अपना जेबखर्च निकालने के उद्देश्य से एक वेबसाइट पर इनोवेटिव आइडियाज से संबंधित लेख लिखना शुरू किया था, जो काफी पसंद किया गया। पहले दो आर्टिकल के लिए उन्होेंने 2000 डाॅलर प्राप्त किया। इसके उपरांत उनका हौसला बढ़ता गया और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 17 वर्ष की उम्र में ही पल्लव ने फ्यूजन चार्ट्स की स्थापना कर दी। आज 120 देशों में उनके 25 हजार ग्राहक और 5 लाख से अधिक उपभोगकर्ता है। आज फ्यूजन चार्ट्स के साथ ही वो चार्ट्स डाॅट काम के संस्थापक और CEO हैं।

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एप्पल, गुगल, जोहो, सिस्को, फेसबुक, लिंक्ड-इन, , आई. बी. एम., ईएमसी, नोकिया और नासा के वेदर वेबसाइट में उनके साफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है। 2010 में पल्लव के डिजाइन किए गए डिजिटल डैशबोर्ड को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा सराहा गया। महज 30 की उम्र में Forbes Magazine के अचिवर की लिस्ट में अपनी शानदार जगह बनाते हुए 47 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। अपनी कामयाबी का गुर साझा करते हुए पल्लव ने छात्रों के अनगिनत, अनसुलझे सवालों का जवाब बड़ी तत्परता से दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी काम को शुरू करने से पहले डर तो रहता ही है कि हम सफल होंगे या नहीं।

लेकिन हम जैसे जैसे आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़ते जाते हैं। हमारी लगन और कर्तव्यनिष्ठा हमें हमारी मंजिल तक पहुंचा ही देती है। उन्होंने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जीवन में अगर कुछ नया और बड़ा करना है तो हिम्मत के साथ रिस्क उठाना ही होगा, क्योंकि सफलता के लिए कोई शार्टकट नहीं होता। हमें अपने रुचियों के अनुसार ही अपने कार्य-क्षेत्र का चुनाव करना चाहिए, क्योंकि आप जब अपना मनचाहा कार्य करेंगें, तभी आप अपनी क्षमता का शत-प्रतिशत दे सकेंगे। कार्य का निर्धारण समय और परिस्थितियों की मांग के अनुरूप होने पर उनकी व्यवहारिकता ज्यादा प्रभावशाली होती है। गलती करना गलत नहीं है, क्योंकि गलतियों से ही सीखते भी हैं। परन्तु एक ही गलती बार-बार दोहराया जाना ठीक नहीं है।छात्रों और शिक्षकों के  अनेकों जिज्ञासाओं का समाधान बड़ी तल्लीनता से करते हुए पल्लव नधानी ने छात्रों से आवाहन किया कि अपने देश को आत्मनिर्भर और नवीनीकरण की ओर ले जाने के लिए युवाओं में जोश, कौशल और लगन अवश्यभावी है। 

*छात्र अपनी सीखने की जिज्ञासा को हमेशा बनाए रखे।
*अपने सोच को मूर्त रूप देने के लिए प्रेरित रहें।
*परिस्थितियों को स्वीकार करने के लिए हमेशा तैयार रहें।
*तकनीकी का उपयोग अपने बेहतर ज्ञान के लिए करें।
*दुनियाभर से संबंधित सारी जानकारी अब उनकी उंगलियों के पहुंच में है जिसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।

विद्यालय के निदेशक डॉ. कुंवर अरूण सिंह ने पल्लव नधानी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बलिया और भागलपुर जैसे छोटे और सुविधाहीन शहरों के लिए पल्लव जैसे कामयाब, उत्साही और प्रेरणादायी व्यक्तित्व से छात्रों का सीधा संवाद  नि:संदेह युवाओं को प्रोत्साहित करने और उनकी कल्पनाओं को ठहराव देने में मददगार सिद्ध होगा। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। उन्होंने श्री पल्लव से हर साल ऐसे ही उपस्थित होकर छात्रों को प्रोत्साहित करने की गुजारिश की। साथ ही युवाओं मे जोश जगाने के लिए कार्यक्रम का समापन जितना कठिन संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी से की।

Post a Comment

0 Comments