बलिया : करें आवेदन, बने आत्मनिर्भर ; मिलेगा यह लाभ


बलिया। 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के अन्तर्गत एनीमल हसबैण्ड्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट फण्ड के अन्तर्गत दुग्ध प्रसंस्करण, मांस प्रसंस्करण, पशु आहार तथा अन्य मूल्य संवर्धन से सम्बन्धित इकाई की स्थापना के​ लिए सरकार ने 15 हजार करोड़ के पशुपालन अवसंरचना विकास कोष की घोषणा की है। यह योजना आगामी तीन वर्षों के लिए लागू की गयी है। इस अवधि में इन धनराशि को वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय भारत सरकार की ओर से गाइडलाइन भी जारी की गयी है। 
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि एनीमल हसबैण्ड्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट कोष के अन्तर्गत डेयरी प्रोसेसिंग के क्षेत्र में नई इकाईयों की स्थापना के साथ डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट को सुदृढ़ और पैकेजिंग सम्बन्धी कार्य कराये जा सकते है। पशुपालन के क्षेत्र में इस कोष से मीट व्यवसाय व पशु आहार उत्पादन के सम्बन्ध में योजना के दिशा निर्देशानुसार पात्र व्यक्ति या संस्था आवेदन कर सकते हैं। योजना के अन्तर्गत किसान उत्पादक संगठन, निजी कम्पनियां, निजी व्यवसायी धारा-8 के अन्तर्गत रजिस्टर्ड कम्पनी एवं एमएसएमईएस के अन्तर्गत पंजीकृत उद्योग पात्र होगें। पात्र व्यक्ति या संस्थाएं अधिक से अधिक निवेश के प्रस्ताव को सिडवी द्वारा विकसित उद्यमी मित्र पोर्टल पर आवेदन कर सकते है। योजना से सम्बन्धित पूरी जानकारी विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग से लिया जा सकता है। 
पशुपालन अवसंरचना विकास कोष के तहत मूल ऋण राशि के लिये 02 वर्ष की ऋण स्थगन अवधि और उसके पश्चात् 06 वर्ष के लिये पुर्नभुगतान अवधि प्रदान की जायेगी। इस प्रकार कुल पुर्नभुगतान अवधि 08 वर्ष की होगी। पात्र संस्था को तीन प्रतिशत ब्याज उपादान का लाभ भी अनुमन्य होगा। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा नाबार्ड के माध्यम से 750 करोड़ के ऋण गारन्टी कोष की भी स्थापना की जायेगी।

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