बीमार हूं तो क्या... समाजसेवा का जज्बा वही है ; जीवित्पुत्रिका व्रत पर सूर्यभान सिंह की अनूठी पहल


बैरिया, बलिया। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की धरती समाज सेवा के लिए आज से नहीं, वर्षों से जानी जाती है। यहां तो समाज सेवा का जज्बा लोगों के रग-रग में है। इसी धरती के लाल समाजसेवी व सपा के वरिष्ठ नेता सूर्यभान सिंह ने समाज सेवा को एक नया आयाम दिया है। लोकनायक को आदर्श मानने वाले सूर्यभान सिंह ने जीवित्पुत्रिका व्रत के अवसर पर गरीब व निरीह पुत्रवती महिलाओं को व्रत करने के लिए विगत कई वर्षों से एक अनोखा काम शुरू किया है, जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।

फिलहाल समाजसेवी सूर्यभान सिंह बीमारी के चलते लखनऊ स्थित एक नर्सिंग होम में उपचार करा रहे हैं। इस विपरित परिस्थिति में भी स्वास्थ्य की परवाह किए बगैर उनके पैतृक आवास जयप्रकाश नगर में गरीब पुत्रवती महिलाओं को जीवित्पुत्रिका व्रत करने के लिए प्रति माता 200 रुपये की धनराशि वितरित की जा रही है। उन्होंने दूरभाष पर बताया कि यह पुनीत कार्य विगत कई वर्षों से किया जा रहा है। बताया कि जो भी गरीब व निरीह किसी भी जाति वर्ग की पुत्रवती माता हैं, उन्हें आसानी से व्रत करने के लिए यह सहयोग मुहैया कराई गई है। आने वाले समय में इसे और भी व्यापक बनाया जाएगा। श्री सिंह ने बताया कि समाज सेवा के लिए ही मेरा जन्म हुआ है। लोगों का अधिक से अधिक दुख बांट सकूं, इसके लिए सेवा से ही मुझे असीम उर्जा मिलती है। इस सहयोग के लिए इतने बड़े ग्राम पंचायत में महिलाओं ने उन्हें आशीर्वाद व साधुवाद दिया है। चर्चा यह है कि ऐसा समाज सेवा लोकनायक जयप्रकाश नारायण की धरती पर ही संभव है।


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

Post a Comment

0 Comments