बलिया : शिक्षकों के बीच पहुंचे डीएम ने ऐसे बांटी खुशियां, साथ रहे BSA


बलिया। शिक्षक दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही शनिवार को परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों के बीच पहुंचे। नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय वजीरापुर व अमृतपाली के बाद दुबहड़ ब्लॉक के मिडिल स्कूल अखार पर गए। अध्यापकों को मिठाई खिलाई तथा अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन शिक्षकों के लिए खास दिन है। इस अवसर पर सभी संकल्प लें कि बेसिक शिक्षा को ऐसा बनाएंगे कि लोगों का भरोसा कायम हो सकेगा।



बीएसए शिवनारायण सिंह के साथ जिलाधिकारी सबसे पहले नगर क्षेत्र के चित्तू पांडेय प्राथमिक विद्यालय वजीरापुर पर पहुंचे। वहां परिसर में हरियाली व विद्यालय में कम संसाधन में बेहतर व्यवस्था देख उन्होंने हर्ष जताया। विद्यालय पर अकेले कार्यरत प्रधानाध्यापक सुनील गुप्ता की जमकर सराहना की। उन्होंने बीएसए से कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए विद्यालय में संसाधन बढ़ाया जाए। वहां से अमृतपाली गए और वहां स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी व अन्य बेहतर व्यवस्था को देखा। राज्य पुरस्कार प्राप्त करने पर प्रधानाध्यापिका प्रतिमा उपाध्याय को एक बार फिर बधाई व शुभकामनाएं दी। परिषदीय स्कूल का मॉडल स्कूल बनाने के लिए प्रशंसा भी की। परिसर में लगे इंडिया मार्का नल में लगे समरसेबल के बावत बीएसए से कहा कि ऐसा ही हर जगह लगाने की पहल हो।  उन्होंने ग्राम प्रधान से बात कर कहा कि गर्व होना चाहिए कि आपके गांव के स्कूल की प्रधानाध्यापिका का चयन राज्य पुरस्कार के लिए हुआ। यहां की व्यवस्था पर ध्यान देकर और बेहतर बनाएं, ताकि यह विद्यालय प्रदेश में एक मॉडल स्कूल बने।



हप्ते दिन में हो जाए रसोइया का भुगतान

प्रा​थमिक विद्यालय अमृतपाली पर ​डीएम श्री शाही के सामने रसोइया ने छह माह से मानदेय नहीं मिलने की बात कही। जिलाधिकारी ने बीएसए से इसका कारण जाना और हप्ते दिन के अंदर हर हाल में सभी रसोइया को मानदेय का भुगतान कर देने के निर्देश दिए। ग्रांट नहीं आने की वजह से यह समस्या बताई गई। खैर, डीएम द्वारा हप्ते दिन में भुगतान होने की बात सुन रसोइया काफी खुश हो गई और उनका आभार जताया। 



उच्च प्रावि अखार में कमियों को सुधारने के निर्देश

शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को सम्मानित करने के अभियान के क्रम में, जिलाधिकारी श्री शाही उच्च प्राथमिक विद्यालय अखार पहुंचे। वहां सर्वपल्ली राधाकृष्ण के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के बाद बारी-बारी से सभी शिक्षकों को अंगवस्त्रम से सम्मानित किया। इसके बाद जब स्कूल में भ्रमण करने लगे तो कुछ कमियां मिलीं। कक्ष में काफी संख्या में जर्जर पड़े कुर्सी-बेंच को कम्पोजिट ग्रांट से ठीक कराने को कहा। जिन कमरों में बेंच थे, उनमें खिड़कियां ही नहीं थी। हालांकि, जिलाधिकारी ने कहा कि यहां कमियां देखने नहीं आया हूं, लेकिन इसको ठीक करा दिया जाए। इसकी जिम्मेदारी व बीएसए व सम्बन्धित एआरपी को दी।


प्रावि में पढ़कर गए महान विभूतियों का हो विवरण

जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम करने वाले बहुत सारे लोगों ने प्राइमरी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की होगी। सभी स्कूल पर ऐसे लोगों का विवरण दर्ज हो। पचास वर्ष से ज्यादा पुराने स्कूलों की लिस्ट बनाएं। स्कूल से पढ़े विभूतियों को वहां आमंत्रित किया जाए। इस तरह प्रयास होगा तो निश्चित रूप से लोग प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के प्रति आकर्षित होंगे। साथ में डीसी नुरूल हुदा भी रहे।

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