युवक की मौत, अंतिम संस्कार से पहले जिन्दा करने की ऐसे हुई कोशिश


आजमगढ़। 21वीं सदी में हम भले ही चांद पर दुनिया बसाने की सोच रखने लगे है, लेकिन अभी भी अंधविश्वास की जड़ें मजबूती से जमी हुई हैं। आजमगढ़ में युवक की मौत के बाद उसके ज़िंदा होने की आस में अर्थी को शवयात्रा के बीच से लोग सोखा के यहां ले गए। परिजनों के रुख को लेकर जबरदस्त चर्चा रही। हालांकि 3 घंटे की मशक्कत के बाद भी युवक को जिंदा नहीं किया जा सका। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया।
आजमगढ़ शहर कोतवाली क्षेत्र के गुरुटोला मोहल्ला में अर्जुन सोनकर की मौत शनिवार को दिन में मौत हो गई थी। वह काफी दिनों से बीमार चल रहा था। अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। शव राजघाट अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था। रास्ते में युवक की भाभी से किसी सोखा ने कहा कि वह युवक को जिंदा कर सकता है। मौत के बाद जिंदा होने की आस को लेकर उसके परिजन 50-50 चांस लेने को तैयार हो गए। शव को राजघाट श्मशान स्थल ना ले जाकर सोखा के यहां शहर के समीप बद्दोपुर गांव ले जाने की तैयारी होने लगी। सोखा ने दावा किया था कि 24 घंटे के भीतर वह जिंदा कर देगा। कई लोग इस को मानने को तैयार नहीं थे, लेकिन परिजनों के रुख को देखकर कोई सामने आने की बात नहीं कहा।

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