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विश्वास का दूसरा नाम Purvanchal24 : मिला आपका प्यार, Pageviews एक करोड़ के पार


ना थके कभी पैर, ना कभी हिम्मत हारी है।
जज्बा है परिवर्तन का, इसलिये सफर जारी है…।
'मन' तो सभी के पास होता है, मगर 'मनोबल' कुछ लोगों के पास। करीब दो साल पहले बलिया में शायद पहले न्यूज पोर्टल के रुप में Purvanchal24.com की शुरुआत हुई थी। तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक छोटा सा न्यूज पोर्टल जनपद ही नहीं, अपितु देश व दुनिया के लोगों की ज्ञान पिपासा को शांत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।



आज मन हर्षातिरेक से भर उठा है। सुबह तकरीबन छह बजे अचानक Purvanchal24 की साइट को खोला तो पाठकों की संख्या एक करोड़ के पार देख मन आह्लादित हो उठा। वहीं दूसरी ओर दो साल की संघर्ष गाथा भी नजरों के सामने घूम गई।बेशक यह उपलब्धि सिर्फ और सिर्फ निर्भीक व बेबाक लेखन तथा पाठकों के असीम प्यार से संभव हो पाया है।



खुशी की इस बेला में आप सभी पूर्वांचल24 के सुधि पाठकों, विज्ञापनदाताओं, संवाद सूत्रों, आलोचकों व शुभेच्छुओं काे किन शब्दों में शुक्रिया अदा करुं, यह तय नहीं कर पा रहा। बहरहाल आप सभी का आभार, धन्यवाद और अभिनंदन। यह सब कुछ आपके सहयोग, समर्थन और मार्गदर्शन के बिना संभव न था। लगभग दो साल की अल्पावधि में करोड़ों पाठकों की अपेक्षाओं पर खरा उतर कर इस न्यूज पोर्टल ने कई मिथक तोड़ दिए।

विश्लेषणात्मक व पुष्ट खबरों ने जहां देश (भारत)-विदेश (यूएस, हांग-कांग, यूएई, नेदरलैंड, ओमान, सऊदी अरब, जापान, फ्रांस, आस्ट्रेलिया) के आप जैसे सुधि पाठकों का विश्वास जीता है, वहीं सूचनाओं से आपको अद्यतन रखने में कई बार अन्य मीडिया चैनलों को पीछे भी छोड़ा। अपने पाठकों को सबसे पहले पुष्ट खबर उपलब्ध कराने की जिद्द ने इस वेबसाइट को कई बार चमत्कार करने का मौका भी दिया है। 

समय-समय पर शासन-प्रशासन को आइना दिखाया है तो वहीं आम आदमी की आवाज बन कर भी उभरे हैं। इस दौरान पाठकों से निरंतर दिलकश टिप्पणियां भी हमें मिलती रहीं। जिसने न सिर्फ हमारा उत्साहवर्धन किया, बल्कि पूरी शिद्दत, साहस व समर्पण के साथ निडर हो कार्य करने के लिए प्रेरित भी किया। आप सभी का स्नेह व शाबाशी हमें आतंरिक ऊर्जा देती रही है। हां, इस मुकाम पर पहुंचाने में मेरे आलाेचकों का भी अहम योगदान रहा है। उनकी आलोचनाएं हमारे लिए उर्जादायी रहीं। शायद इसके बिना यह पोर्टल संघर्ष पथ पर अडिग नहीं रह पाता। वो कहते हैं न...

मुखालफत से मेरी शख्सियत संवरती है, 
मैं दुश्मनों का बड़ा एहतराम करता हूं।

अंत में एक बार फिर आप सभी को धन्यवाद, शुक्रिया व आभार। उम्मीद है आपका साथ सदैव बरकरार रहेगा।

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