PCS अधिकारी मणिमंजरी राय केस : मोबाइल पैटर्न लॉक खुलवाने का प्रयास कर रही पुलिस


बलिया। नगर पंचायत मनियर की ईओ PCS अधिकारी मणिमंजरी राय आत्महत्या मामले पर पर DIG आज़मगढ़ ने बड़ा बयान दिया है। कहा कि महिला अधिकारी का मोबाइल पैटर्न लॉक होने से थोड़ा दिक्कत हो रही है।

DIG आज़मगढ़ सुभाष चंद दुबे ने बताया कि
लखनऊ के साइबर एक्सपर्ट और CBI के फोरेसिंक एक्सपर्ट से सम्पर्क किया गया, पर सफलता ना मिलने की वजह से अहमदाबाद के साइबर एक्सपर्ट से लिखित संपर्क किया जा रहा है। कहा कि विलम्ब जरूर हो रहा है, लेकिन डाटा इरेज ना हो इसके लिए हर बातों पर ध्यान दिया जा रहा है। जल्द बाजी में वीडियो कॉल डाटा, वाट्सअप डाटा ईरेज होने का डर है।

यह है पूरा मामला
आदर्श नगर पंचायत मनियर की दिवंगत ईओ मणि मंजरी राय के मामले में अभी तक पुलिस की जांच किस स्तर पर पहुंची है, इसका खुलासा अभी तक प्रशासन नहीं कर पाया। आखिर प्रशासन एवं दिवंगत मणि मंजरी राय के परिजन क्यों चुप हैं ? यह बात आम जनमानस को समझ में नहीं आ रहा है। 
बताते चलें कि दिवंगत ईओ मणि मंजरी राय  6 जुलाई 2020 को बलिया तीखमपुर आवास विकास कॉलोनी में स्थित अपने किराये के आवास पर फांसी के फंदे पर झूली हुई मिली थी। इस मामले में मणि मंजरी राय के भाई विजयानंद राय की तहरीर पर बलिया कोतवाली पुलिस ने नगर पंचायत मनियर के चेयरमैन भीम गुप्ता, सिकंदरपुर के ईओ संजय राव, नगर पंचायत मनियर के कम्प्यूटर आपरेटर व लिपिक विनोद सिंह तथा मणिमंजारी राय के वाहन चालक चंदन वर्मा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि चेयरमैन भीम गुप्ता व सिकंदरपुर के ईओ संजय राव मणि मंजरी राय को आत्महत्या करने के लिए उसकाया था। उन लोगों द्वारा गलत भूगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। कंप्यूटर ऑपरेटर व  लिपिक  द्वारा उनका फर्जी हस्ताक्षर कर  टेंडर पास कराया गया था। इस सब काम में उन लोगों का साथ ड्राइवर चंदन वर्मा दे रहा था।

सीबीआई जांच की उठी थी मांग

मामले में कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी बाड्रा  सहित सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त द्वारा उच्च स्तरीय जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा गया था। यह मामला हाई प्रोफाइल होता गया। मणि मंजरी राय के परिजन सहित तमाम दिग्गज नेताओं ने सीबीआई से इस मामले की जांच करने की मांग उठाई थी। इस मामले में अभी तक मात्र एक आरोपी मणि मंजरी राय के ड्राइवर चंदन वर्मा पुलिस के गिरफ्त में आया, जबकि अभी भी चार आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। करीब 1 महीना 20 दिन हो गए। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम बनाकर नगर पंचायत कार्यालय मनियर में अभिलेखों की जांच भी कराई गई थी, ताकि इस हत्या से जुड़े कोई तथ्य सामने आए। मणि मंजरी राय, आरोपी ड्राइवर चंदन वर्मा व नायब तहसीलदार बैरिया का मोबाइल भी पुलिस जांच कर रही थी। यहां तक कि उन लोगों के मोबाइल में डिलीट  इमेज, वीडियो  को वापस मोबाइल में करने के लिए प्रयोगशाला में भी  नोएडा भेजा गया था। 


वीरेन्द्र सिंह

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1 Comments

  1. Why it's not handed over to CBI is that any problems to do that

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