जालसाजी में फंसे भारतीय तलवारबाजी संघ के कोषाध्यक्ष, साथी संग गिरफ्तार


नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे से मिली खबर ने भारतीय खेल पटल को झकझोर दिया है। फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष और पूर्व सचिव अशोक दुधारे की गिरफ्तारी से खेल जगत हिल गया है, क्योंकि इस गिरफ्तारी का कारण जालसाजी व धोखाधड़ी है। खेल और युवा सेवा निदेशालय पुणे के कार्यवाहक उप निदेशक विजय संतन ने यरवदा पुलिस स्टेशन में दुधारे और तुषार चौधरी के खिलाफ तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने धारा 420, 465, 468 471 व 34 के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। 

ये है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तुषार चौधरी राज्य कर विभाग में निरीक्षक के रूप में नौकरी प्राप्त करने की कोशिश स्पोर्ट्सपर्सन के रूप में कर रहा था, क्योंकि स्पोर्ट्सपर्सन के लिए एक कोटा आरक्षित था।  चौधरी खुद को राष्ट्रीय स्तर के फ़ेंसिंग खिलाड़ी के रूप में पेश कर रहा था। 2018 में राष्ट्रीय तलवारबाजी प्रतियोगिता में महाराष्ट्र राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले एक ही मंच के लिए एक नकली प्रमाण पत्र तैयार किया। इस बीच, दुधारे ने भारतीय तलवारबाजी संघ के सचिव के रूप में चौधरी को एक नकली खिलाड़ी प्रमाण पत्र भी जारी किया, जो उनके द्वारा खेल और युवा निदेशालय के कार्यालय में प्रस्तुत किया गया था। उसका वेरिफिकेशन भी दुधारे ने स्वयं किया। लेकिन सत्यापन के दौरान राज खुल गया। पता चला कि चौधरी ने महाराष्ट्र से राष्ट्रीय स्तर की टीम में भाग नहीं लिया। मणिपुर की टीम ने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश की टीमों ने इस प्रतियोगिता में क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते थे। चौधरी के दस्तावेजों को सत्यापित किए बिना ही दुधारे ने एक हलफनामा तैयार कर प्रस्तुत किया। 

कैसे रुकेगा फर्जी खेल सर्टिफिकेट का धन्धा
भारतीय ओलम्पिक संघ के सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहता ही भारतीय तलवारबाजी संघ के भी अध्यक्ष है। ऐसे में यह चिंताजनक है कि, जब भारतीय खेल परिवार के मुखिया के घर में ही फर्जी खेल सर्टिफिकेट का धन्धा फलफूल रहा है तो अन्य खेल संघों पर किस तरह अंकुश लग पायेगा। 

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