बलिया में बेकाबू हुई घाघरा की लहरें, कई गांवों में घुसा पानी ; बाढ़ चौकियां अलर्ट


बिल्थरारोड, बलिया। घाघरा नदी के तेवर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। जलस्तर करीब एक सप्ताह से खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है।डेंजर जोन में बसे गांवों में नदी का पानी घुस गया है। सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूबकर खराब हो रही है। गुरुवार की सुबह से घाघरा में धीरे-धीरे घटाव का क्रम जारी है। फिर भी घाघरा की उफनाती बेलगाम लहरें तटवर्ती क्षेत्रों में कहर बरपा रही है। मुजौना गांव के कई घरों में नदी का पानी घुस गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार घाघरा नदी का जलस्तर शुक्रवार को शाम चार बजे 65.170 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.16 मीटर अधिक है। 

तुर्तीपार, अटवां, इंद्रानगर, महरोडीह, खैरा, गुलौरा, चैनपुर, सहियां, हल्दीरामपुर, अतरौल, चंदरौल, इन्दौली, मिलिकान, शाहपुर अफगा, सोनाडीह के कई मौजों  में नदी का पानी तबाही मचा रहा है। अतरौल निवासी विश्राम सिंह, प्रधान मार्कण्डेय यादव, पारस शर्मा, राम श्रृंगार पटेल, बजरंगी मौर्य, मोहम्मद शाहिद, सुमेर सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि तुर्तीपार रेग्युलेटर का फाटक खोल दिया जाय तो खेतों का पानी नदी की ओर निकल जायेगा और कुछ धान की फसल बच सकती है। 

तुर्तीपार गांव की माली बस्ती और मल्लाह बस्ती और काली मंदिर में पानी घुस गया है। बाढ़ का पानी टीएस बंधे पर सतह से कई फुट ऊपर तक पहुंच गया है। हाहानाला राजभर बस्ती टंगुनियां से लेकर चैनपुर, गुलौरा-मठिया शिवमंदिर व तुर्तीपार के क्षेत्रो में कटान जारी है हाहानाला, तुर्तीपार, हल्दीरामपुर के रेगुलेटरों के ऊपर पानी का दबाव बढ़ गया है।उपजिलाधिकारी अशोक चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में दस बाढ़ चौकिया अलर्ट है। बाढ़ क्षेत्रों का निरंतर दौर किया जा रहा है। विभाग पूरी तरह सक्रिय है।

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