बलिया पुलिस ! तेरी इंसानियत को सलाम


रेवती, बलिया। क्या-क्या ग़ुबार उठाए नजर के फसाद ने, इंसानियत की लौ कभी मद्धम न हो सकी...। मानवता को जीवंतता देती यह पंक्ति रविवार को इलाके में अक्षरशः सच दिखी। यह कारूणिक, मार्मिक और हृदयविदराक दृश्य को देख, हर इंसानी जुबां से एक ही आवाज निकली... न हिन्दू न मुसलमान, सबसे पहले इंसान।

रेवती प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह को सूचना मिली कि विशनपुरा मौजा स्थित गढ्ढे में एक शव पड़ा है। सूचना मिलते ही एसआई गजेंद्र राय, माया शंकर दूबे, जेपी, अरूण यादव, शैलेष, जय हिन्द इत्यादि मौके पर पहुंच गये। पुलिस टीम गढ्ढे में उतरकर व्यक्ति के पास पहुंची तो दंग रह गयी, क्योंकि वह शव नहीं 'जिन्दा लाश' था। उसकी सांसे चल रही है। एम्बुलेन्स को सूचना देने के साथ ही पुलिस टीम ने उक्त व्यक्ति के चेहरे पर पानी का छींटा मारा, फिर वह व्यक्ति होश में आ गया। 

वह व्यक्ति कपड़े में शौच आदि कर दिया था। उसके दाहिने हाथ के बड़े घाव में कीड़े पड़े थे। पुलिस टीम तथा सफाई कर्मियों ने मानवता का परिचय दिया। उस व्यक्ति के शरीर की गंदगी साफ की। नये कपड़े पहनाकर एम्बुलेंस से सीएचसी रेवती पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने हाथ के घाव की स्थिति गम्भीर देख जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। 

बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति नगर व आस-पास के इलाके में भिक्षाटन करता था। इस बीच उसके हाथ में घाव हो गया। समुचित इलाज नहीं होने के कारण घाव में कीड़े पड़ पड़ गये। वह मानसिक रूप से अर्धविक्षिप्त प्रतीत हो रहा है। एसआई गजेन्द्र राय ने बताया कि उक्त व्यक्ति अपना नाम रमाकांत बता रहा है, लेकिन पता नहीं बता पा रहा। 


पुष्पेंद्र तिवारी 'सिन्धु'

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