बलिया : गांव में मगरमच्छ देख मची भगदड़, 6 दोस्तों ने कुछ यूं दिखाई बहादुरी


बैरिया, बलिया। घाघरा नदी में आई बाढ़ की पानी का खतरा झेल रहे तटवर्ती गांवों के लिए अब मगरमच्छ भी खतरा बन गए है। शनिवार की देर रात बैरिया तहसील क्षेत्र के गंगापुर गांव में 6 फिट लंबे मगरमच्छ के प्रवेश करने से गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर डायल 112 नंबर पहुंची, लेकिन मगरमच्छ को देखकर खिसक गई। परेशान ग्रामीणों ने खतरे को देख शोर मचाना शुरू कर दिया। फिर गांव के ही 6 दोस्तों ने जान खतरे में डाल उसे पकड़ कर रस्सी से पेड़ में बांध दिया। मगरमच्छ को देखने के लिए जुटी भीड़ के बीच युवावों में सेल्फी लेने की होड़ मच गई।


ग्रामीणों का आरोप है कि थानाध्यक्ष को फ़ोन पर मगरमच्छ की सूचना दी गयी। थानाध्यक्ष ने वन विभाग की टीम को भेजने की बात कही। एक घंटे इंतजार के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। हम लोगों ने खुद जान जोखिम में डालकर मगरमच्छ को पकड़ा। दो दिन पहले भी हनुमानगंज में मगरमच्छ के घुसने की सूचना के बावजूद वन विभाग उसे पकड़ने में असफल रही और आज वन विभाग की टीम यहां पहुंची ही नहीं। हालांकि बाद में पहुंचे वन दरोगा राम जी पाण्डेय, वन रक्षक पवन कुमार तिवारी, अक्षय कुमार ने युुुुवाओ द्वारा पकड़े गए मगरमच्छ को पिकप में लाादकर मांझी घाट ले जाकर सरयु नदी में सुरक्षित छोड़ दिया। इस बीच, नगर पंचायत बैरिया के अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार वर्मा उर्फ मंटन ने गंगापुर पंचायत पहुंचकर मगरमच्छ पकड़ने वाले 6 दोस्तों की बहादुरी पर शाबासी देते हुए 12 हजार रुपये का पुरस्कार दिया। वहीं, प्रधान प्रतिनिधि दीनदयाल प्रसाद ने मगरमच्छ 5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया। 


6 फीट का यह मगरमच्छ बगल के सरयू नदी से निकल कर गांव में घुस आया। गांव के लोगों ने पकड़ा है। मगर प्रशासन को खबर देने के बाद भी कोई यहां नहीं आया।
दीनदयाल प्रसाद, प्रधान प्रतिनिधि, गंगापुर


            सुरेश कुमार पाल, एसडीएम

वन विभाग की टीम पहुंच गयी है। मगरमच्छ को वन विभाग को सुपुर्द कर दिया गया है। गांव के युवकों ने सराहनीय कार्य किया है। वन विभाग द्वारा लापवाही बरतने को लेकर इनके खिलाफ डीएम को रिपोर्ट भेज रहा हूं, क्योंकि मेरा फ़ोन भी ये लोग ठीक से नहीं उठाते है।
सुरेश कुमार पाल, एसडीएम, बैरिया


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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