पत्रकार रतन सिंह के घर पहुंचे बार काउंसिल ऑफ उप्र के वाइस चेयरमैन


बलिया। बार काउंसिल आफ उप्र के वाइस चेयरमैन जयनारायण पांडेय ने पत्रकार रतन के परिजनों से मिलकर हालचाल जाना। उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से की। कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पत्रकारों व अधिवक्ताओं पर हमले अधिक हो रहे है। ऐसे में अधिवक्ता और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे। 

शुक्रवार को पत्रकार रतन सिंह की हत्याकांड की जानकारी होने के बाद उप्र बार काउंसिल के सह चेयरमैन जयनारायण पांडेय उनके पैतृक गांव फेफना पहुंचे। मृतक के पिता से मिलकर घटना की जानकारी लिए। इस दौरान पत्रकार के पिता विनोद सिंह ने बताया कि उनका गांव के ही पट्टीदारों से पुराना विवाद था। लेकिन ऐसा भी विवाद नहीं था कि किसी की निर्मम हत्या कर दी जाय। जिस बेरहमी से उनके बेटे को मारा गया, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। बताया कि उनके एक अधिवक्ता पुत्र की भी हत्या दो तीन साल पहले कर दी गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बार काउंसिल आफ यूपी के वाइस चेयरमैन ने कहा कि इस प्रकरण को शासन में लिखकर भेजेंगे। सरकार मृतक पत्रकार के परिजनों को एक करोड़ रुपया आर्थिक मदद देने के साथ ही मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और बच्चों को पढ़ने के लिए व्यवस्था करें। 

पत्रकार के चाचा अधिवक्ता अवधेश सिंह ने बताया कि रतन के बड़े भाई सुतीक्ष्ण सिंह उर्फ भोला सिंह की हत्या भी इन्ही लोगों दो तीन साल पहले की थी। उनके लिए बार काउंसिल की ओर मिलने वाली धनराशि नहीं दी गयी, जिस पर वाइस चेयरमैन ने कहा कि फिर से आवेदन भेजिए हम पांच लाख रुपये की मदद  दिला देंगे। इस दौरान वे मृतक पत्रकार के बच्चों से भी मिले। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता व पत्रकार समाज का प्रहरी होता है। इसके बाद भी वह किसी न किसी के आंख की किरकिरी बना रहता है। ऐसे में अधिवक्ता और पत्रकारों के प्रोटेक्शन के लिए कानून बनाने की जरुरत है।

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