बलिया : सेवा और त्याग की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा को स्कूल प्रबंधन ने किया नमन


मझौवां, बलिया। क्षेत्र के पचरुखिया स्थित उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान मदर टेरेसा कान्वेंट स्कूल में सेवा और त्याग की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा को उनके 110वीं जयंती पर याद किया गया। उनके दीन दुखियों के प्रति समर्पण को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए प्रबंधक प्रेम किशोर, प्रधानाचार्य पीएस मिश्रा और उपस्थित अध्यापकों ने मदर टेरेसा के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें नमन किया। 

प्रधानाचार्य पीएस मिश्रा ने कहा कि मदर टेरेसा जैसा व्यक्ति विरले ही इस धरती पर मिलते है, जो यूगोस्लाविया जैसे देश में जन्म लेने के बावजूद भारत आयी। कोलकाता में उन्होंने असहाय लोगो, अनाथ बच्चों को जब देखा तो उनका हृदय करुणा से भर गया। उन्होंने जीवन भर यहीं रहकर उनकी सेवा का निश्चय कर लिया। उनकी सेवा के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। यही नहीं विश्व समुदाय द्वारा भी उन्हें उनके सेवाकार्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

प्रबंधक प्रेम किशोर ने मदर टेरेसा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अगर हम अपने जीवन में मदर टेरेसा के सेवाकार्य से प्रेरणा लेकर अपने अंदर कुछ भी सकारात्मक बदलाव ला पाएं तो समाज का बहुत भला हो जायेगा। विद्यालय के अध्यापक गण ओंकार नाथ मिश्र, रमेश सिंह, राजेश राना, दिनेश प्रजापति, दिनेश कुमार, पंकज पटेल, शाश्वत मिश्र, शशिकांत, शरद पांडेय, सत्य प्रकाश प्रजापति और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कमला देवी, रोहित तिवारी आदि उपस्थित रहे।

हरेराम यादव

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