सांसद मस्त का तेवर देख एक्टिव हुआ बलिया का बाढ़ विभाग, जानें पूरा मामला

वीरेन्द्र सिंह मस्त, सांसद

बैरिया, बलिया। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त का प्रयास रंग लाता दिखाई दे रहा हैं। सांसद के कड़े रुख के बाद बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने बीएसटीसी बंधे की सुरक्षा के लिये कमर कस लिया हैं। बुधवार से बड़ी संख्या में अठगांवा में मजदूरों को कटानरोधी कार्य में लगाने की तैयारी है। विभागीय अधिकारियों के दौरे भी बढ़ गये हैं। घाघरा नदी के कटान से बीएसटी बंधे व उसके आसपास के गांवों को बचाने के लिये आठगांवा में बने ठोकर के घाघरा के कटान में रविवार को कट जाने पर बाढ़ खण्ड के अधिकारियों पर सांसद ने कड़ी नाराजगी ब्यक्त की थी।

सांसद ने बाढ़ खण्ड के अधीक्षण अभियन्ता  को फोनकर दो टूक कह दिया था कि हरहाल में बीएसटीसी बंधा सुरक्षित रहना चाहिए। अगर कटान से बंधे को नुकसान पहुंचा तो इसका खामियाजा सम्बंधित अधिकारियों को भुगतना पड़ेगा। बाढ़ विभाग के अधिक्षण अभियन्ता  ने सांसद को भरोसा दिया था कि वहां फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू कर दिया गया हैं। बंधे को हरहाल में कटने से बचाया जाएगा। सांसद ने बाढ़ बिभाग के अधीक्षण अभियन्ता  से कहा कि रामगढ़ से नौरंगा तक जो भी कटानरोधी कार्य हो रहा हैं, उसमें मानक की जांच कराई जाएगी। 

कटान रोधी कार्य मे गड़बड़ी करने वाले सभी जिम्मेदार लोंगो चाहे ठेकेदार हो या अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। अब ये कत्तई नहीं होने वाला की बाढ़ व तेज कटान की वजह से ठेकेदार या अधिकारी बंधा कटने का बहाना बनायेंगे। अगर बंधा कटता हैं तो जिम्मेदारी तय होगी। ठेकेदार व अधिकारी समान रुप से दोषी होंगे। उसी धन से उन्हें दोबारा कटानरोधी कार्य कराने पड़ेंगा।  

सांसद ने जिलाधिकारी से बात कर बंधे के सुरक्षा के लिए अबिलम्ब ठोस कार्य योजना बनाकर काम करने का निर्देश भी दिया था। गौरतलब हैं कि रविवार की सुबह जैसे ही अठगावां में इसी साल करोड़ों रुपये की लागत से बने स्पर के घाघरा के कटान में विलीन होने की सूचना आई अधिकारियों के हाथपांव फूलने लगे थे बीएसटीसी बंधे पर भी कटान का खतरा मंडराने लगा। 

बाढ़ खण्ड के अधिकारियों के अतिरिक्त  जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंचकर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। सांसद के तल्ख तेवर से अधिकारियों के हाथपांव फूलने लगे है। अगर बीएसटीसी बंधा कटता हैं तो आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के डेढ़ लाख से अधिक आबादी बाढ़ से घिर जाएगी तथा लोकनायक जयप्रकाश नारायण का गांव भी बाढ़ से जलमग्न हो जाएगा। अब अधिकाधिक मजदूरों को लगाकर विभागीय अधिकारियों ने कटानरोधी कार्य शुरू किया हैं।


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

Post a Comment

0 Comments