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बलिया के सात परिषदीय स्कूलों का राशन 'गुम', शासन की मंशा फेल


बैरिया, बलिया। उप्र में लॉकडाउन अवधि व गर्मी की छुट्टियों के 76 दिनों के मिड डे मील का राशन व कन्वर्जन कॉस्ट बच्चों को दी जानी थी, जो अभी तक कोटेदार व प्रधानाध्यापक के बीच में फंसी हुई है। आपको बताते चले कि बैरिया ब्लॉक के कोटवॉ ग्राम पंचायत के 7 परिषद विद्यालयों का मिड डे मील का राशन चेताछपरा निवासी कोटेदार रामजी सिंह के यहां से किसी भी विद्यालय तक नही पहुंचा। इस बाबत पूछने पर कोटेदार की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही हैं।

कोटवॉ ग्राम पंचायत के रानीगंज में स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय सहित कोटवॉ, भरत छपरा, बैजनाथ छपरा, झंडा भारती के मठिया व नील के कोठी के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों ने बताया है कि जब से लॉकडाउन लगा है, तब से हमें राशन नही मिल रहा हैं। इस सम्बंध में इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से पूछने पर वे सीधे सीधे कोटेदार पर दोष मढ़ रहे है। उनका कहना है कि कोटेदार अपनी मनमानी से हमेशा रोक देते हैं।

उप्र सरकार की जारी एडवाईजरी के अनुसार कन्वर्जेंस कॉस्ट अभिभावकों के खाते तो राशन कोटेदार के माध्यम से दिया जाएगा। प्राइमरी स्कूल के एक बच्चे को 76 दिन के लिए 374.29 रुपये और जूनियर में प्रति विद्यार्थी 561.02 रुपये कन्वर्जेंस कॉस्ट दी जाएगी। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चन्द द्विवेदी ने यह जानकारी दी है। सरकारी व सहायताप्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे 1.80 करोड़ बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। 

इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने आदेश जारी कर दिया है। प्राइमरी के बच्चे को 7.60 किग्रा और जूनियर में प्रति बच्चा 11.40 किग्रा राशन दिया जाएगा। ये राशन कोटेदार के माध्यम से दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानाचार्य प्राधिकार पत्र (वाउचर) जारी करेंगे, जिसमें स्कूल, छात्र-छात्रा का नाम, पंजीयन संख्या, कक्षा व खाद्यान्न की मात्रा अंकित होगी। इसे एक समय में दो-तीन अभिभावकों को स्कूल बुलाकर दिया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का इसमें ख्याल रखा जाएगा। वहीं खातों की जानकारी इकट्ठा करने के लिए तत्काल प्रभाव से प्रधानाचार्य व शिक्षकों को लगाया जाएगा।सरकार द्वारा इतनी सारी एडवाईजरी जारी होने के आदेश बावजूद कोटेदार द्वारा पालन नही करना, समझ से परे है। 


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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