बाढ़ विभाग की लापरवाही पर भाजपा सांसद खफा, CM से टेक्नीकल जांच की मांग Ballia News


बैरिया, बलिया। बैरिया विधान सभा में घाघरा व गंगा नदी पर कटान वाले इलाके मे करोड़ो की लागत से कटानरोधी कार्य चल रहा हैं।घाघरा नदी के कटान से अठगांवा में टी स्पर बह जाने के बाद किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पत्र लिख कर गंगा व घाघरा पर चल रहे कटान रोधी कार्य की टेक्निकल जांच कराने की मांग की है। दोषी पाये जाने वाले पर कार्यवायी व ठेकेदार का भुगतान रोककर ठेकेदार व विभागीय अधिकारियो के निजी धन से कार्य कराया जाय।

पत्र में उल्लेख किया है कि एनएच 31 को बचाने के लिए 30 करोड़ 09 लाख की लागत से गंगा की धारा मोड़ने, 08 करोड़ 26 लाख की लागत से दूबे छपरा पारक्यूपाईन कार्य, 09 करोड़ की लागत से नौरंगा में पारक्यू पाइन, गगांपुर डगरा में 04 करोड़ 62 लाख से कटान स्थल पर लोहे की जाली में बोल्डर भरने का कार्य तथा 03 करोड़ 62 लाख का कार्य कटान रोकने व धारा मोड़ने के लिए चल रहा है। वहीं घाघरा नदी पर अठगांवा में गत वर्ष 22 करोड़ की लागत से कटानरोधी कार्य हुआ था। इसी कार्य के मरम्मत के लिए इस वर्ष 08 करोड़ 12 लाख का मरम्मत कार्य चल रहा है। 

गत वर्ष दूबे छपरा में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से कटानरोधी कार्य हुआ था। जिसमें लूट खसोट की शिकायत जनता ने किया था। शिकायत अनसुना होने का परिणाम 40 करोड़ रूपये की लागत से बना रिगं बाधं बह गया। हजारों एकड़ फसल बर्बाद और दर्जनो गांव जलमग्न हो गये। हैरत की बात यह है कि उसी ठेकेदार को पुनः कार्य दिया गया है। ऐसे सरकारी धन का बन्दरबांट होना लाजमी है। ऐसे सभी कार्यो का टेक्निकल जांच करा कर जितना नुकसान हुआ है, उतना कार्य ठेकेदार का भुगतान रोककर ठेकेदार से कार्य कराया जाय। वही जांच के बाद गम्भीर कार्यवायी की जाय।


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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