COVID19 से बचाव को रेलवे की अनूठी पहल


वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन आज की सूचना क्रांति के युग में तकनीक में हो रहे बदलाव के साथ कदम ताल करते हुए इसका इस्तेमाल अपनी कार्य प्रणाली में गुणात्मक सुधार हेतु लगातार प्रयासरत है। वाराणसी मंडल ने अनूठी पहल करते हुए दैनिक संवाद में कोविड-19 के कारण समाजिक दूरी के पालन सुनिश्चित करने हेतु तकनीकी संचार माध्यमों का उपयोग प्रारम्भ कर दिया है। 

इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय वाराणसी में तकनीकी माध्यम से संवाद करने हेतु ई-संवाद कक्ष का शुभारम्भ मंडल रेल प्रबंधक विजय कुमार पंजियार ने फीता काटकर किया। मंडल रेल प्रबंधक के निर्देश पर मंडल अध्यक्ष एन ई रेलवे मजदूर यूनियन के अध्यक्ष बीके सिंह एवं मंडल मंत्री एनबी सिंह ने वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर 2 त्रयम्बक तिवारी से पहला संवाद किया। 

इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) प्रवीण कुमार, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर-1 आशुतोष पाण्डेय, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री सनथ जैन, एनई रेलवे मजदूर यूनियन के सदस्य गण एवं कार्यलय के कर्मचारी उपस्थित थे। इस ई-संवाद कक्ष के माध्यम से बाहरी आगन्तुक व्यक्ति जो अनवरत रेलवे सेवा सम्बन्धी कारणों से मंडल कार्यालय आते रहते है वे बिना मुख्य कार्यालय भवन में प्रवेश किये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, इंटरकाम,टेबलेट अथवा विडिओ फोन के माध्यम से किसी भी शाखाधिकारी से बात-चीत कर सकता है।

इसके अतिरिक्त कोई भी बाहरी व्यक्ति अपने कार्य के निस्तारण हेतु एक साथ अधिकतम 12 अधिकारीयों के साथ कानफ्रेंस भी कर समस्या का निदान करा सकता है। कई बार बाहरी व्यक्तियों को विभिन्न आवश्यक कार्यों से मंडल कार्यालय आना-जाना पड़ता था, जिसके कारण कोरोना वायरस  के संक्रमण का खतरा बढ़ रहा था और कोविड-19 प्रोटोकाल के अंतर्गत समाजिक दूरी का समुचित पालन कठिन हो गया था। मंडल कार्यालय के मुख्य भवन के बाहर ई-संवाद कक्ष बनाकर जहाँ एक तरफ समाजिक दूरी सुनिश्चित की गयी है वहीं दूसरी तरफ बाहर से आने वाले कर्मचारियों,व्यापारियों एवं ठेकेदारों को भी इससे बहुत सहूलियत होगी। ई-संवाद कक्ष में एक कलिंग टैब, एक सर्वर, 32 डिजिटल मानिटर, एक डिजिटल इन्टरकाम एवं एक डिजिटल क्लॉक स्थापित किया गया है, जिससे डिजिटल रूप से जुड़े सभी अधिकरियों से सीधा संवाद संभव हो गया है। ई-संवाद कक्ष से जहां एक ओर कोरोना से बचाव हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अनावश्यक भाग-दौड़ तथा समय की भी बचत हो होगी।

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