Book This Side For Ads....Purvanchal24

IRWCMS के जरिये ऑनलाइन वर्किंग को बढ़ावा दे रहा रेलवे, ताकि...


वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन डिजिटलीकरण से होने वाले लाभ को देख बदलते परिदृश्य में अपनी कार्यप्रणाली में अपेक्षित बदलाव करते हुए ऑनलाइन वर्किंग की ओर निरंतर अग्रसर है। इसी परिप्रेक्ष्य में इंजीनियरिंग विभाग ने एक नए इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल इंडियन रेलवे वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट सिस्टम' (आईआरडब्लूसीएमएस) पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। 

जनसम्पर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे पर ई-टेंडरिंग का कार्य बहुत पहले ही प्रारंभ हो चुका है। www.ireps.gov.in के माध्यम से टेंडर कमिटी की कार्यवृत्त एवं उसकी स्वीकृति तथा लेटर ऑफ अवार्ड जारी करने का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में IRWCMS के अन्तर्गत आगे की सभी प्रक्रिया अब ऑनलाइन की जा रही है। इसके फलस्वरूप आने वाले समय में पूरा कार्य पेपरलेस हो जाएगा। इस प्रणाली के अन्तर्गत बैंक गारंटी जमा करना, बैंक से उसका सत्यापन कराना तथा एग्रीमेन्ट पर सिग्नेचर जैसे कार्य ऑनलाइन डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से किये जा रहे हैं।

इस पोर्टल से एग्रीमेन्ट की प्रति कांट्रेक्टर और संबंधित अधिकारियों के पास चली जाती है। यदि रेलवे की ओर से कोई पत्र अथवा नोटिस किसी कांट्रेक्टर को जारी किया जाना है या कांट्रेक्टर द्वारा रेलवे को कोई पत्र भेजा जाना तो वो इसी पोर्टल के माध्यम से भेजा जाता है। इसके साथ ही कॉन्ट्रैक्ट साइट पर कार्य की प्रगति की मॉनिटरिंग, सामान की उपलब्धता, दैनिक प्रगति आदि भी ऑनलाइन साइट आर्डर बुक में लिखी जा सकती है। इससे कार्य निष्पादन की गति एवं गुणवत्ता पर नज़र रखना बहुत ही आसान हो गया है। 

पर्यवेक्षकों द्वारा मेज़रमेंट बुक आदि पर दर्ज किए जाने वाले विवरण आदि तथा उनकी विभिन्न स्तरों पर टेस्ट जांच एवं स्वीकृति आदि कार्य भी ऑनलाइन हो रहे हैं। इस सिस्टम में मेज़रमेंट बुक की जगह e-मेज़रमेंट बुक दिया गया है। संक्षेप में कहा जाए तो इस सिस्टम के माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट संबंधी सारा कार्य ऑनलाइन होता है। 

मेज़रमेंट बुक को पर्यवेक्षक द्वारा रिकॉर्ड कर टेस्ट चेक हेतु क्रमानुसार वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाता था। जिसमें समय के साथ अतिरिक्त मैनपावर की भी आवश्यकता होती थी। ऐसी ही स्थिति बिल के भुगतान आदि कार्यों के संपादन में भी थी। IRWCMS के लागू हो जाने से जहां कार्यदक्षता बढ़ती है, वहीं समय और मानवशक्ति की बचत भी सुनिश्चित होती है। कार्य की प्रगति की बेहतर समीक्षा के साथ ही पारदर्शिता में भी वृद्धि हुई है। इस कार्यप्रणाली को अपनाने से इंजीनियरिंग विभाग की कार्यकुशलता में गुणात्मक सुधार हुआ है।
           

Post a Comment

0 Comments