चला-चली की बेला में चहेते बाबू को बड़ा गिफ्ट दे गये बलिया CMO


बलिया। CMO डॉ. पीके मिश्रा को जैसे ही स्थानांतरण की जानकारी हुई, उन्होंने अपना काम कर दिया। CMO ने न सिर्फ अपने वरिष्ठ बड़े बाबूओंं को अक्षम बताया, बल्कि चहेते कनिष्ठ बाबू को लेखा अनुभाग के स्टेशनरी/प्रकीर्ण एवं यात्रा भत्ता आदि देयकों के भुगतान करने का चार्ज दे दिया। CMO के इस कार्य की विभागीय गलियारे में खूब चर्चा है। इसे तथाकथित तौर पर उनके भ्रष्टाचार से जोड़कर देखा जा रहा है। 

गौरतलब हो कि भ्रष्टाचार व COVID19 के कार्य में लापरवाही की शिकायत पर शासन ने CMO डॉ. पीके मिश्र को तत्काल प्रभाव से 17 जुलाई को हटा दिया है। गैर जनपद स्थानांतरण की जानकारी होते ही CMO ने अपने अधीनस्थ सीएचसी खेजुरी में तैनात वरिष्ठ सहायक गोविंद सागर, सीएचसी दुबहड़ में तैनात वरिष्ठ सहायक राजकुमार पर्वत एवं वरिष्ठ सहायक सुभाष चंद्र गुप्ता को कार्यालय अधोहस्ताक्षरी के कार्य में अक्षम एवं कोविड-19 में राजकीय कार्य की आवश्यकता बताते हुए तत्काल प्रभाव से अपने चहेते कार्यालय जिला कुष्ठ अधिकारी, बलिया में तैनात कनिष्ठ सहायक मनोज सिंह यादव को  लेखा अनुभाग के स्टेशनरी/ प्रकीर्ण एवं यात्रा भत्ता आदि देयकों के भुगतान के लिए अभिलेखीय औपचारिकता अ‌ग्रिम आदेश तक करने के लिए आदेश निर्गत कर दिया।

बताया जा रहा है कि सीएमओ ने ही नवंबर 2019 में शहर कोतवाली में पांच लोगों के विरूद्घ तहरीर देकर एनआरएचएम में फर्जी तरीके से हस्ताक्षर और पासवर्ड बनाकर करोड़ों का भुगतान करने के मामले में केस दर्ज कराया था। इसमें येनकेन प्रकारेण आरोपी कनिष्ठ सहायक मनोज सिंह यादव को को राहत मिल गई थी, जबकि चार आरोपी गबन के आरोप में अब भी जेल में हैं।

शिकायतकर्ता हरेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया ‌था कि सीएमओ कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक मनोज सिंह यादव ने अपने समय के सभी फाइलों पर हस्ताक्षर किया था और जेम पोर्टल में करोड़ों  रुपये की भी धोखाधड़ी की गई। इसके बाद भी कनिष्ठ सहायक को सीएमओ ने चार्ज दे दिया था, जो वर्तमान समय में सीएमओ कार्यालय में तैनात है। एक बार फिर सीएमओ ने अपने स्थानांतरण की जानकारी होने पर कनिष्ठ सहायक मनोज सिंह यादव को 17 जुलाई को लेखा अनुभाग के स्टेशनरी/प्रकीर्ण एवं यात्रा भत्ता आदि देयको के भुगतान करने का चार्ज दे दिया। 

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