तीन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा, ये है वजह


लखनऊ। बस्ती जिले में दूसरे के नाम पर नौकरी करने वाले तीन फर्जी शिक्षकों के खिलाफ संबंधित ब्लाक के बीईओ ने मुकदमा दर्ज कराया है।बीएसए अरुण कुमार ने जांच में कूटरचित व फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति हासिल करने की पुष्टि होने के बाद सभी को चार जुलाई को बर्खास्त कर दिया था। बीएसए ने बताया कि इनके स्तर से आहरित वेतन की वसूली के लिए लेखाधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कुदहरा ब्लॉक के बीईओ अंजनी कुमार सिंह ने लालगंज थाने में तहरीर दी है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय बानपुर में तैनात सहायक अध्यापक राणा प्रताप सिंह और प्राथमिक विद्यालय कबरा खास की प्रधानाध्यापिका प्रियंका चौधरी ने भी दूसरे के प्रमाणपत्र पर नौकरी हासिल की थी। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है। आरोपी राणा प्रताप सिंह संतकबीरनगर के विश्वनाथपुर खरवनिया कला और प्रियंका चौधरी संतकबीरनगर महुली थाने के तप्ता सतहरा के निवासी बताए गए हैं। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।

उधर, बीईओ हर्रैया सुभाष चंद्र ने तहरीर दी है कि इसी ब्लॉक के बड़हरकला प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मालती पांडेय ने धोखाधड़ी व जालसाजी करके दूसरे की मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल की थी। पुलिस ने बड़हरकला खुर्द थाना हर्रैया निवासी मालती देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पैन कार्ड से खुलासा

फर्जी तरीके से शिक्षक की नौकरी हथियाने का भंडाफोड़ पैन कार्ड के सत्यापन के दौरान सामने आया। प्रदेशभर में पैन कार्ड की जांच के दौरान असली शिक्षक के पैन कार्ड पर किसी और के भी नौकरी करने के मामले प्रकाश में आए थे। ऐसे ही कुछ सहायक अध्यापकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके नाम पर बस्ती जिले में फर्जी तरीके से कोई और नौकरी कर रहा है। प्रकरण में बीएसए अरूण कुमार स्तर से टीम गठित कर जांच बैठा दी गई थी। जांच के दौरान शिकायत सही मिलने पर नोटिस जारी की गई थी। तय समय में जवाब दाखिल न करने के साथ फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया था।

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