बलिया : TS बंधे पर कटानरोधी कार्यों की गुणवत्ता जांच कर DM ने बाढ़ विभाग को किया अलर्ट


-बाढ़ अभियंताओं से कहा, तिलापुर में बैकरोलिंग से न होने पाए कटान
-चांदपुर में जांचा वायरलेस सिस्टम, गेज से सम्बंधित ली जानकारी

विजय गुप्ता/वीरेन्द्र सिंह
बलिया। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही बाढ़ से जनपद को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका विशेष ध्यान कटानरोधी कार्यों व बाढ़ राहत व्यवस्था पर है। तटबन्धों की सुरक्षा के लिए वे बाढ़ विभाग के पेंच कसने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को घाघरा के किनारे के गांवों व तिलापुर से मनियर तक टीएस बंधे का बारीकी से निरीक्षण किया। कुछ एक जगह बिल थी, जिसे तत्काल भरवा देने का निर्देश दिया। साथ ही कई जगह कटानरोधी कार्यों की गुणवत्ता भी जांची। 

तिलापुर ठोकर पर पंहुचे डीएम ने कहा कि अगर यहां बैकरोलिंग से कटान की संभावना हो तो उसे रोकने के लिए जरूरी कार्य कराया दिया जाए।   इससे पहले चांदपुर में डाक बंगले पर पंहुचे डीएम ने वायरलेस सिस्टम व कमरों को देखा। वायरलेस से बातचीत कर चेक किया कि सिस्टम सही से काम कर रहा है या नहीं। उन्होंने गेज के बारे में जानकारी लिया। एसडीएम बांसडीह दुष्यंत मौर्य ने बताया कि बाढ़ से क्षेत्र के 56 गांव की 85 हजार आबादी प्रभावित होती है। डीएम ने कहा कि बाढ़ आने की स्थिति में लोगों को राहत दिलाने के लिए अभी से मानसिक तौर पर तैयार रहें।

रेगुलेटर की हालत ठीक नहीं होने पर डीएम नाराज

डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने शुक्रवार को  टीएस बंधे पर निरीक्षण के दौरान पर्वतपुर रेगुलेटर को चेक किया। रेगुलेटर संचालक को रेगुलेटर उठाने और गिराने को कहा, लेकिन रेगुलेटर में ना तो चेन बंधी थी, और ना ही वह सही हालत में था। इस पर डीएम नाराज हुए तो आनन-फानन में रेगुलेटर संचालक चेन लाया, बांधा और रेगुलेटर को उठाया-गिराया। बाढ़ खण्ड के अधिकारियों पर नाराज डीएम ने सवाल किया कि बाढ़ का पानी आने के बाद ठीक करेंगे। एक्सईएन संजय मिश्रा को फटकार लगाते हुए कहा कि अपने रेगुलेटर को समय-समय पर चेक करते रहिए। सुल्तानपुर में पंहुचे डीएम ने पुलिस चौकी पर जाकर देखा कि बाढ़ के समय बचाव कार्य में प्रयोग होने वाले संसाधन रखे जा सकेंगे या नहीं। बाढ़ की स्थिति में वहां उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सुल्तानपुर का उपयोग करने के लिए बाढ़ विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया।

खेवसर में मनरेगा कार्यों को ठीक से कराने को दिए निर्देश

खेवसर गांव में प्रवासियों को राहत सामग्री के वितरण के दौरान डीएम श्रीहरि प्रताप शाही अचानक पहुंच गए। उन्होंने वहां मौजूद ग्रामीणों से वितरण व्यवस्था संबंधी जानकारी ली। पंचायत भवन में स्कूटी व कबाड़ भरे होने पर नाराजगी जताई। प्रधान-सचिव को नसीहत देते हुए कहा, यह ग्राम पंचायत की संपत्ति है, लिहाजा कम से कम पंचायत भवन को ठीक रखें। सफाई के बाबत पूछे जाने पर प्रधान प्रतिनिधि ओमप्रकाश यादव ने बताया कि गांव में दो सफाई कर्मी हैं, जिसमें एक को एसडीएम साहब रख लिए हैं। एक से काम चलाया जा रहा है। मनरेगा योजना के तहत बंधे पर मिट्टी डालने के कार्य के सम्बंध में जानकारी ली। लेकिन ग्राम प्रधान को मनरेगा से संबंधित गाइडलाइन की सही सटीक जानकारी नहीं थी, जिसकी वजह से काम भी प्रभावित हो रहा था। डीएम शाही ने बीडीओ बांसडीह को फोन कर निर्देश दिया कि मिट्टी कार्य के सबन्ध में गांव में आकर सही जानकारी दें। यहां के कार्य पर नजर रखें। बंधे पर मिट्टी डालने के कार्य को प्राथमिकता पर कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर एडीएम राम आसरे, प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट राजेश यादव, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, एसडीएम बांसडीह दुष्यंत मौर्य, तहसीलदार गुलाब चंद्र व बाढ़ तथा सिंचाई विभाग के अधिकारी थे। 

कटानरोधी कार्य की धीमी रफ्तार पर दी चेतावनी

डीएम श्री शाही ने मनियर क्षेत्र के ककरघट्टा में घाघरा नदी के किनारे पर्क्युपाइन विधि से हो रहे कटानरोधी कार्य का निरीक्षण क़िया। कार्य की रफ्तार धीमी होने पर कार्य प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने बाढ़ विभाग के एक्सईएन से सवाल किया कि क्या डीएम के आने के बाद ही कार्य तेज होगा । चेतावनी दिया कि समय से गुणवता के साथ काम नहीं हुआ तो कार्य का पेमेंट भी नहीं होगा। उन्होंने नदी किनारे भ्रमण कर पूरी स्थिति को देखा। यह भी कहा कि किसी भी हालत में आबादी प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

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