ऐसे खुला फर्जीवाड़ा... शिक्षिका गिरफ्तार


गाजीपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के सुभाष नगर मियापुरा स्थित आवास से पुलिस ने फर्जी  शिक्षिका कुमारी कल्पना को गिरफ्तार कर लिया।  मामला हाइप्रोफाइल होने की वजह से पूरे जिले में चर्चा बना हुआ है। दरअसल, जिलाविद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय ने शिक्षिका पर फर्जी स्थानांतरण पत्र के मामले में सात महीने पहले मुकदमा दर्ज कराया था।

क्षेत्र के लहुरापुर स्थित जनता आदर्श इंटर कालेज में जुलाई 2019 में प्रबंधक अनिल कुमार सिंह को झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर सहायक अध्यापक पद अंग्रेजी विषय पर कल्पना राय अपनी नियुक्ति करा ली थी। इसके बाद कालेज प्रबंधक द्वारा अभिलेखों की मांग करने पर कल्पना राय द्वारा उसे प्रस्तुत नहीं किया गया। शक होने पर प्रबंधक ने पूरे मामले की जांच कराई तो मामला फर्जी निकला। इस पर उन्होंने नवंबर 2019 में ही कल्पना राय के विरुद्ध फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से मामले की विवेचना चल रही थी। बुधवार को मरदह थाने के एसआइ नर्वदेश्वर तिवारी, एसआई चंद्रशकर मिश्रा, एसआई फूलचंद्र पांडेय आधा दर्जन पुरुष व महिला पुलिसकर्मी के साथ नगर कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर मियापुरा स्थित आवास पहुंचे और कल्पना को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद संबंधितों में खलबली मची हुई है।

शिक्षिका द्वारा दिखाए दस्तावेज के आधार पर प्रबंधक अनिल कुमार सिंह ने ज्वाइनिंग कराई। हालांकि प्रबंधक एवं प्रिसिंपल ने उसे तैनाती देने के साथ ही अंग्रेजी की कक्षा में पढ़ाने को कहा, लेकिन वह पढ़ा नहीं सकी। शिक्षिका की इस अज्ञानता पर प्रिंसिपल को मामला संदिग्ध लगा। लिहाजा, प्रिंसिपल ने शिक्षिका से उसके पूरे प्रमाण पत्रों को उपलब्ध कराने को कहा। शिक्षिका हमेशा आज कल कह कर टालती रही। जिसके बाद प्रबंधक और प्रिंसिपल ने विगत 9 सितंबर को जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलकर लिखित रूप से शिकायत किया।

जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी राय ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच टीम गठित कर दिया। टीम की जांच में मामला फर्जी निकला। अंबेडकर नगर में इस नाम की कोई शिक्षिका है ही नहीं। वहीं, निदेशालय से विभाग को पत्र आया कि शिक्षिका पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाय। इसके बाद तत्त्परता दिखाते हुए डा. ओपी राय ने विगत छह नवंबर को शिक्षिका के खिलाफ जालसाजी के मामले में मरदह में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। जांच में फर्जी शिक्षिका कल्पना के मामले में डिस्पैच नंबर व जेडी के फाइल तक फर्जी थे।

शिक्षिका ही नहीं, डिस्पैच नंबर और जेडी के सिग्नेचर भी फर्जी घोषित हुआ था।  जिसकी गिरफ्तारी बुधवार को शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत सुभाष नगर मियापुरा शिक्षिका के आवास से सुबह आठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल परीक्षण कराने के बाद जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष मरदह शरदचंद्र त्रिपाठी ने बताया महिला फर्जी तरीके से विद्यालय में अंग्रेजी शिक्षिका के तौर पर नौकरी कर रही थी। जिसके खिलाफ विद्यालय के प्रबंधक ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसको गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।

इधर शिक्षिका प्राथमिकी दर्ज होते ही जिले से फरार हो गई। काफी दिनों से पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। इसके गिरफ्तार होते ही पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं शिक्षा जगत में इसकी गिरफ्तारी को लेकर तरह तरह के सवाल उठने लगें। आखिर शिक्षिका किसके इशारे पर फर्जी स्थानांतरण पत्र लेकर कालेज पर पहुंची। सूत्रों का मानना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात दबंग बाबू जिसकी विभाग में दबदबा कायम है। वह इस शिक्षिका को अपने साथ कालेज पर तैनाती कराने ले गया था। लेकिन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसको लेकर शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में असंतोष बना हुआ है।  

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