सनबीम स्कूल बलिया में योग शिविर का वर्चुअल कार्य्रक्रम, दिखा गजब का उत्साह


बलिया। सनबीम स्कूल बलिया के निदेशक डॉ. कुंवर अरुण सिंह कहा कि योग हमारे जीवन और शरीर दोनों को सुगमता से निरोगी और स्वस्थ्य बनता है। योग भारतीय चिकित्सा पद्धति का प्राचीन अनुसंधान है। योग और तपस्या के माध्यम से हमारे पूर्वज कई सौ वर्षो तक जीवित रहकर और अनेक शक्तियों पर नियंत्रित कर उनका प्रयोग लोक कल्याणकारी कार्यो में करते थे। आज विश्व योग दिवस है। आज के दिन संयुक्त राष्ट्र संघ ने भारत के अथक प्रयास से योग का मानव जीवन में महत्व को समझते हुए इसको और अधिक प्रसारित करने के लिए 21 जून को विश्व योग दिवस मनाने का निर्णय लिया था।

सनबीम स्कूल बलिया द्वारा आयोजित योग शिविर के वर्चुअल कार्य्रक्रम को सम्बोधित करते हुए निदेशक डॉ. सिंह ने कहा कि 2015 से दुनिया के समस्त देशो में आज के दिन को योग के लिए जाना जाता है। वर्तमान में सम्पूर्ण विश्व कोरोना जैसे खतरनाक वायरस के प्रकोप को झेल रहा है। कह सकते है कि यह आधुनिक युग की सबसे बड़ी त्रासदी है, जिसने पूरे विश्व के लाखो लोगो काल कवल्लित किया है। इस भयावह काल में भी अनुसंधान ने यह साबित किया है कि योग इस वायरस से लड़ने में काफी हद तक कारगर है। योग हमारे शरीर को स्वस्थ्य बनाकर शरीर को रोगो से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। योग हमारे शरीर को ही नहीं, बल्कि हमारे मस्तिष्क को एकाग्र करता है। साथ अनेक मनोरोगों, डिप्रेशन, तनाव से भी योग बचाता है। आज पूरे विश्व भाग दौड़ भरे जीवन को निरोगी एवं स्वस्थ्य बनाने का कार्य कर रहा है।



प्रशिक्षक ने बताई बारीकियां

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर आनलाइन कांफ्रेंसिग के माध्यम से योग शिविर का आयोजन कर सनबीम स्कूल बलिया के प्रशिक्षक पंकज कुमार सिंह ने योग प्रशिक्षण के साथ ही योग के महत्व एवं विशेषताओं से परिचित कराया।

कोरोना को हराने का मनोचिकित्सक ने दिया मंत्र

इसके आलावा सनबीम स्कूल बलिया के फेसबुक अकाउंट एवं ऑनलाइन कांफ्रेंस के माध्यम से जनपद के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डा. डीबी तिवारी ने 'पोस्ट कोविड-19 चैलेंज' विषय पर वेबिनार को सम्बोधित किया। उन्होंने वर्चुल कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड 19 के संबंध में स्कूूूल के बच्चो एवं अध्यापको को इससे बचने एवं रोकथाम पर जानकारी दी। बताया कि कोरोना वायरस अत्यंत ही खतरानक है। यह संक्रमित मनुष्यो के छींक,  हाथ, नाक, आंख व मुंह द्वारा हमारे शरीर को  संक्रमित कर रहा है। इस संक्रमण से अधिक देर तक नहीं लड़ पाने की वजह से लोगो की मृत्यु हो जा रही है। विश्व के सभी देशो के चिकित्सक अनुसंधानकर्ता इस वायरस से निजात की वैक्सीन बनाने में जुटे है। अभी तक कोइ वैक्सीन इस महामारी का रूप ले चुके रोग के लिए नहीं है। इसलिए इस संक्रमण से बचने के लिए हमे अपने नाक एवं मुंह को ढक कर रखना होगा। अपने हाथो को निश्चित समयांतराल पर साबुन से धोना या सेनेटाइजर का प्रयोग करने के साथ साथ सोशल डिस्टेंसिंग के नियमो का पालन करना जरूरी है। कोरोना केवल आज एवं कुछ दिनों के लिए ही चुनौती नहीं, भविष्य के लिए भी बड़ी चुनौती है। स्वस्थ्य मानसिकता के बिना इसे हराना कठिन है। विश्वास की हमे आवश्यकता है। हमने अपने देश  में विगत वर्षो में प्लेग, टीबी, पोलियो जैसी महामारियो से लड़ा है। हराया है। वैसे ही हम सभी कोरोना के प्रकोप को भी समाप्त करेंगे। 

इन्होंने किया प्रतिभाग

इस वर्चुल शिविर में सनबीम स्कूल के चेयरमैन संजय कुमार पाण्डेय, प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा, एकता पाण्डेय, शेरुन जलान, राजेश जलान, अमित ओझा, जयप्रकाश यादव, प्रवीण पाण्डेय, अनूप गुप्ता, नितेश कुमार, राजीव खरवार, नुरुल हक, पवन गुप्ता समेत विद्यालय के अध्यापक अध्यापिका व कर्मचारियों ने भाग लिया।
                                                  

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