बलिया : वरिष्ठ पत्रकार ने कुछ यूं सजाई 'उस' बच्ची की आवाज


बच्ची की आवाज

संसार में आने से पहले ही, मुझे मार दिया जाता है।
आखिर मेरी गलती क्या है, मुझे नहीं बताया जाता है।

जैसी आती हूं मैं गर्भ में, खुशियां मनाया जाता है। 
जैसे पता चलता है लड़की, तरह-तरह से सताया जाता है।
आखिर मेरी गलती क्या है...।

लड़की का होना क्या अभिशाप है, जो दो कुनबे को सजाया करती है।
ना जाने क्यों संसार में आने से पहले, उसे मार दिया जाता है।
आखिर मेरी गलती क्या है....।

एक तरफ नारी को लक्ष्मी, दुर्गा, काली कहा जाता है।
उसी लक्ष्मी, दुर्गा, काली को संसार में आने से पहले मार दिया जाता है।
आखिर मेरी गलती क्या है....।

श्रवण कुमार पांडेय
वरिष्ठ पत्रकार, बलिया

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