कस्तूरबा शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : सामने आया दो और केस


लखनऊ। जौनपुर की प्रीति यादव के प्रमाण पत्र पर जौनपुर और आजमगढ़ के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फर्जी शिक्षिकाएं पकड़ी गई हैं। वही, असली प्रीति यादव भी गोंडा की अनामिका शुक्ला जैसी बेरोजगार है। दोनों ही जगहों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। 

सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने गुरुवार को इन दोनों जिलों में जांच के निर्देश दिए थे। प्रेरणा पोर्टल और दीक्षा एप पर अपलोड किए गए डाटा के परीक्षण में यह मामला सामने आया कि एक ही आधार नंबर दो शिक्षिकाओं ने अपलोड किया है। दोनों जिलों में जांच की गई तो प्रमाण पत्र एक ही निकले। एक फर्जी शिक्षिका केजीबीवी मुफ्तीगंज जौनपुर में पूर्णकालिक शिक्षिका और दूसरी केजीबीवी पवई, आजमगढ़ में वार्डन के पद पर तैनात थी। दोनों के पते अलग-अलग थे।

जौनपुर व आज़मगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने मूल शैक्षिक, निवास व पहचान प्रमाण पत्र से मिलान किया तो सामने आया कि उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल की है। वहीं जौनपुर के बीएसए ने मूल प्रमाणपत्रों वाली प्रीति यादव को ढूंढ निकाला। सिकरारा की रहने वाली प्रीति फिलहाल कहीं नौकरी नहीं करती है। वहीं आज़मगढ़ में फर्जी शिक्षिका नौ जून को स्कूल पहुंची। लेकिन प्रमाणपत्रों की जांच के नाम पर भाग निकली। दोनों जगह पर एफआईआर के साथ वेतन की रिकवरी की जाएगी। केजीबीवी में अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच एसटीएफ कर रही है। विभागीय जांच में अनामिका के नौ जगह भर्ती और छह जगह नौकरी करने की बात सामने आई है।



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