बलिया : स्वास्थ्य विभाग में बड़ा घोटाला, राज खुलते ही मचा हड़कम्प


बलिया। Health Department में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। सीएमओ के अधीनस्थ केंद्रीय औषधीय भंडार में फर्जी आईडी बनाकर चार करोड़ रुपए का इंडेट कर हुए इस घोटाले का राज कोई और नहीं, बल्कि विभाग का ही एक अफसर ने खोला है। इससे विभागीय गलियारे में हड़कम्प मच गया है।


प्रकरण में सीएचसी बेल्थरारोड के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ जीपी चौधरी ने 28 मई 2020 को सीएमओ, डीएम, एसपी, एडी आजमगढ़ समेत स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्रक सौंप कर शिकायत की। पत्र पर गौर करें तो केंद्रीय औषधीय भंडार प्रभारी अधिकारी, स्टोर कीपर व सीएमओ जांच के घेरे में आ सकते है। 

पत्रक में उल्लेख किया गया है कि केंद्रीय औषधि भंडार बलिया एवं पीसीपी एनडीटी बलिया के पद पर मैं कार्यरत था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया के आदेश के क्रम में मैंने 10 अगस्त 2019 को अपना समस्त चार्ज डॉक्टर राजनाथ, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पूर्वाह्न में दे दिया था। इसके उपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया ने प्रति हस्ताक्षरित करते हुए मुझको कार्यमुक्त कर दिया था। फिर डा. राजनाथ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने केंद्रीय औषधीय भंडार बलिया एवं पीसीपी एनडीटी के प्रभारी अधिकारी का पद संभाला और पारस नाथ राम स्टोर कीपर, केंद्रीय औषधि भंडार बलिया के साथ कार्य करने लगे। इन लोगों ने जान बुझकर विभाग को धोखा देने और प्रार्थी को फंसाने की साजिश के तहत फर्जी तरीके से कूटरचित आईडी बनाया। 

तत्पश्चात इन लोगों द्वारा करीब चार करोड़ रुपए का जीएम पोर्टल पर का ऑर्डर किया गया। पीड़ित ने इन दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करते हुए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, संयुक्त मजिस्ट्रेट/ सदर एसडीएम, एडी आजमगढ़, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लखनऊ एवं महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, लखनऊ को प्रेषित किया। इसके बाद शासन ने गंभीरता से लेते हुए मामले में उच्चस्तरीय जांच बैठा दिया है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंच मच गया है।

केंद्रीय औषधीय भंडार, बलिया का प्रकरण संज्ञान में है, लेकिन अभी पत्रक प्राप्त नहीं हुआ है। पत्रक उपलब्ध होते ही मामले की जांच की जाएगी, जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके विरूद्घ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डा. नंदलाल यादव, एडी, आजमगढ़

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