बलिया में 10वीं की छात्रा से दबंगों ने की ज्यादती, हालत गंभीर


बलिया। निर्भयाकांड को लेकर न केवल हिंदुस्तान, बल्कि विश्व थर्रा गया था। उसके चलते कानून भी बना। दोषियों को सजा भी मिली, लेकिन अभी कोई चेत नहीं रहा है।

सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 10वीं की छात्रा परीक्षा देकर घर पर ही रहती थी। छात्रा के साथ दबंगों द्वारा अक्सर छेड़खानी किया जाता था। विरोध करने पर बालिका को ऐसिड पिला दिया गया, ताकि वो बोल न सकें। जिला अस्पताल से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया, परन्तु वाराणसी ले जाने में परिजन अक्षम रहे।

बलिया शहर के तिखमपुर स्थित एक निजी हॉस्पिटल में बालिका जिंदगी और मौत से लड़ रही है। डॉक्टर की माने तो एसिड प्रयोग हुआ है। बोलने में दिक्कत है। उपचार चल रहा है। हालांकि उपचार का खर्च आरोपी ही उठा रहे थे। बालिका के पिता का कहना है कि दबंग परेशान करते रहे। मुकदमा पंजीकृत एक हफ्ता बाद हुआ है। उसमें भी पांच में दो को निकाल दिया गया है। ऐसे में पुलिस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि मुकदमा दर्ज करने में विलंब का कारण क्या रहा ? अब देखना होगा कि बालिका के साथ न्याय क्या होता है ? वैसे सूत्रों की माने तो इस मामले में पुलिस उच्चाधिकारी पैनी नजर रखे हुए है। 

Post a Comment

0 Comments