बलिया : आचार्य चाणक्य के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प


बलिया। महान पण्डित चाणक्य का जन्म दिवस सोमवार को सतनी सराय स्थित कात्यायनी भवन में मनाया गया। उपस्थित लोगों ने उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अवध बिहारी चौबे ने कहा कि तात्कलिक परिस्थितियों में आचार्य चाणक्य द्वारा प्रदर्शित जीवटता हमेशा स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगी। अपनी कार्यशैली व कूटनीतिक चालों के मशहूर आचार्य चाणक्य के प्रयासों से ही चंद्रगुप्त मौर्य भारतीय इतिहास के अप्रतिम नक्षत्र बन कर उभरे।

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जनार्दन राय ने आचार्य चाणक्य के जीवन को दुर्गम परिस्थितियों की उपज बताया। कहा कि आज के रहबर बुद्धिजीवी शिक्षक और शिक्षाविदों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। पूर्व मंत्री व्यासजी गोंड ने उनके अर्थशास्त्रीय चिंतन पर बल दिया। गंगा मुक्ति मोर्चा के प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने उन्हें कालजई व्यक्तित्व की संज्ञा दी। प्रमोद कुमार पांडेय, मंजुल उपाध्याय, अखिलेश यादव, शशांक तिवारी, अभिनव चौबे, मनोज पांडेय इत्यादि मौजूद रहे।

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