बलिया : काश्तकारों ने रोका बचाव कार्य, पहुंचे अफसर ; लेकिन...


मझौवां, बलिया। गंगा नदी की बाढ़ एवं कटान से बचाव को लेकर गंगा नदी के उस पार चल रहे ड्रेजिंग के कार्य को शाहपुर के काश्तकारों ने रोक दिया। इसकी सूचना पर पहुंचे बैराज खंड के अधिकारियों ने काश्तकारों को समझाने का प्रयास किया। उनका कहना था कि बिना हमारे खेत का मुआवजा दिए सरकार हमारी जमीन को हड़पना चाहती है। यह न्याय संगत नहीं है। पहले हमारी मांगों को पूरा किया जाए, तब हम अपने खेतों से होकर नदी की धारा को मोड़ने देंगे।

बताते चलें कि गंगा नदी के उस पार करीब 30 करोड़ रुपए की लागत से नदी की धारा को मोड़ने का काम बैराज खंड वाराणसी की टीम द्वारा किया जा रहा है। इसमें 17 पोकलेन मशीन नदी की धारा को मोड़ने में लगी हुई हैं। इसके साथ ही गंगा नदी में एक ड्रेजर मशीन भी उतारी गई है कि समय रहते नदी की धारा को मोड़ा जा सके, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के साथ ही अन्य गांव गंगा की गोद में जाने से बच जाय। 



उधर, किसानों का कहना है कि नदी की धारा मोड़ने की करवाई को हमें बाध्य होकर रोकना पड़ रहा है। अब हम तभी कार्य शुरू होने देंगे जब जिला प्रशासन हमारी जमीन को चिन्हित कर मुआवजा देने का लिखित रूप से आश्वासन दे।  यह जमीन हमारी जीविका का एकमात्र साधन है, जिसे सरकार छीन कर हमें भूमिहीन बनाना चाहती है। कोर्ट का निर्देश है कि जहां पर भी किसानों की जमीन पड़ रही है उसे अधिग्रहण कर आगे की कार्रवाई की जाए। काश्तकार जीतू सिंह, दीनानाथ सिंह, अनिल सिंह, वीरेंद्र मिश्रा, त्रिलोकी चौबे, उदय सिंह आदि काश्तकारों ने जिलाधिकारी से पहले जमीन की पैमाइश कराकर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसानों के साथ कोई अन्याय न हो सके।


शाहपुर मौजे में मुआवजे की मांग को लेकर पोकलेन को काम करने से रोका गया है। हमने उनकी मांगों को जिलाधिकारी के समक्ष रखने का आश्वासन दिया है।

दिनेश चंद्र भारती
अवर अभियंता, बैराज खंड, वाराणसी


रिपोर्ट : हरेराम यादव

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