बलिया में पैबंद लगे पिलर से गंगा की धारा रोकने की कवायद


बलिया। दशकों से चल रहे गंगा कटानरोधी कार्य पुनः मानक के विपरीत कार्यो की भेंट चढ़ने लगा है। शासनादेश के मानकों के विपरीत हो रहे कार्यो को देख सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि यदि ऐसे ही कार्य हुआ तो कटान रुकने वाला नहीं है।



बैरिया तहसील के दुबेछपरा, गोपालपुर व उदईछपरा के अस्तित्व को बचाने के लिए परक्यूपाईन विधि से कटान रोकने का कार्य चल रहा है। परक्यूपाईन विधि के अनुसार नदी में त्रिभुज के आकार के पिलर खड़ाकर उसमें मिट्टी और रेत की बोरी भरी जानी है, ताकि गंगा के बाढ़ की धारा तटवर्ती इलाको को क्षति न पहुचाये।



प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो पिलर निर्माण में भारी अनियमता बरती जा रही है। निर्माण में अनियमताओ का आलम यह है कि ये उठाते ही चटक जाते है तथा उसी पिलर को सीमेंट का लेप लगाकर कटानरोधी कार्य में प्रयोग किया जा रहा है। इस सम्बंध में बाढ़ विभाग के अधीक्षण अभियंता भानु सिंह का कहना है कि ऐसी शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई होगी। किसी भी सूरत में कटानरोधी कार्य में अनियमतायें बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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