बलिया : यहां निःशुल्क मिल रहा यह औषधीय पौधा, जानें इसका गुण और...


बलिया। विश्व पर्यावरण दिवस पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं आम आदमी को रोग मुक्त रखने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संस्थान के संकाय प्रमुख प्रोफेसर यामिनी भूषण त्रिपाठी की प्रेरणा से बलिया में गिलोय के पौधों का नि:शुल्क वितरण किया गया। इसी क्रम में बीएचयू द्वारा नियुक्त जनपद बलिया के कोआर्डिनेटर शायर शंकर शरण 'काफिर' द्वारा अपने नया चौक स्थित आवास पर एक कार्यक्रम का आयोजन करते हुए उपस्थित जन को गिलोय के पौधे बांटे गए।

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मुख्य अतिथि आयुर्वेदिक यूनानी चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. संजय कुमार सिंह ने कहा कि गिलोय किसी भी प्रकार के ज्वर तथा संक्रमण को रोकने में बेहद कारगर होता है। इसके नियमित सेवन करने से मधुमेह, रक्तचाप, किडनी की बीमारी, गठिया, यूरिक एसिड आदि व्याधियों के मरीज भी लाभान्वित होते रहे हैं। उन्होंने जनपदवासियों का आह्वान किया कि वे गमलों में अथवा खुले स्थान में गिलोय के पौधे जरूर लगाएं। यदि संभव हो तो किसी नीम के पेड़ के करीब गिलोय को रोपित किया जाए, क्योंकि नीम के पेड़ पर लता के रूप में पाई जाने वाली गिलोय विशेष रूप से गुणकारी होती है। 

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कार्यक्रम के संयोजक शंकर शरण 'काफिर' ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने में कारगर गिलोय के 10000 पौधे वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इच्छुक व्यक्ति नया चौक स्थित आशीर्वाद भवन से प्राप्त कर सकते हैं। अध्यक्षता कुंवर सिंह इंटर कॉलेज के उपाचार्य एवं कवि शशि प्रेम देव ने किया। इस अवसर पर अवधेश सिंह, पारस तिवारी, अंकित गुप्ता, त्रिवेणी राय, सूरज तिवारी व गोविन्द नारायण आदि उपस्थित रहे

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