16 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए बुरी खबर !


लखनऊ। कोरोना महामारी के कारण वित्तीय दिक्कतों में जूझ रही राज्य सरकार ने नगर प्रतिकर भत्ता (सीसीए) व सचिवालय भत्ता सहित छह भत्तों को समाप्त करने का फैसला लिया है। वित्त विभाग से जल्द ही इससे संबंधित शासनादेश जारी होगा। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने कैबिनेट बाई सकुर्लेशन इस पर मुहर भी लगा दी है। सरकार के इस फैसले की भनक कर्मचारी संगठनों को लग चुकी है।

सरकार के फैसले के बाद राज्य के कर्मचारी, शिक्षक और पुलिस विभाग को मिलने वाले सचिवालय भत्ता, नगर प्रतिकर भत्ता और अवर अभियंताओं का विशेष भत्ता कम हो जाएगा। इसके अलावा पुलिस विभाग की अपराध शाखा, सीबीसीआईडी, भ्रष्‍टाचार निवारण संगठन, आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग, अभिसूचना विभाग, विजिलेंस, सुरक्षा शाखा के अधिकारीयों और कर्मचारियों के वेतन में कमी आएगी। साथ ही लोक निर्माण विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलने वाला रिसर्च भत्ता, अर्दली भत्ता और डिजाइन भत्ता अब नहीं मिलेगा। सिंचाई विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाला इन्वेस्टीगेशन एंड प्लानिंग और अर्दली भत्ता भी समाप्त हो जाएगा। हालांकि, प्रदेश के वित्‍त मंत्री सुरेश खन्ना का कहना है कि छठवें वेतन आयोग की संस्तुतियों में जो भत्ते समाप्त करने की सिफारिश की गई थी, उन्हें ख़त्म करने का फैसला लिया गया है। राज्य कर्मचारियों को वेतन, डीए और एचआरए मिलता रहेगा।

स्थगित था भत्ता

कोविड से जंग के लिए वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन में जुटी सरकार ने बीते 24 अप्रैल को नगर प्रतिकर भत्ता, सचिवालय भत्ता, अवर अभियंताओं को मिलने वाले विशेष भत्ता, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलने वाले रिसर्च, अर्दली व डिजाइन भत्ता तथा सिंचाई विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलने वाले आईएंडपी भत्ता और अर्दली भत्ता के साथ ही पुलिस विभाग के अपराध शाखा, अनुसंधान विभाग, भ्रष्टाचार निवारण संगठन, आर्थिक अपराध अनुसंधान, सर्तकता अधिष्ठान, अभिसूचना सुरक्षा शाखा तथा विशेष जांच शाखा में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलने वाले विशेष भत्ता को स्थगित किया था। इन भत्तों का भुगतान एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक स्थगित करने का आदेश जारी किया गया था। अब इन भत्तों को समाप्त कर दिया गया है।






Post a Comment

0 Comments