Accident : सड़क पर रोटियों संग बिखरा आचार, बता रहा मजदूर थे लाचार ; मृतकों में बाप-बेटा भी



सहारनपुर। मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाईवे पर रोहाना टोल प्लाजा के पास सड़क पर बिखरी पूड़ियां, बिस्किट और अचार बिहार के उन मजदूरों की बेवश कहानी सुना रहे थे, जिन्हें बुधवार देर रात एक बस ने कुचल दिया। सड़क पर इन मजदूरों के कपड़े, चप्पलें और अन्य सामान इनकी थकावट की उस कहानी को बयान कर रहे थे, जो सिर्फ एक चीख से खत्म हो गई। मरने वालों में बाप-बेटे भी हैं। हरेश और उसका बेटा विकास दोनों ही पंजाब में नौकरी करते थे। सड़क पर पड़े मिले फोटोस्टेट आधार कार्ड से इनकी पहचान हुई।

बिहार में गोपालगंज जिले के 10 मजदूर लॉकडाउन की वजह से पैदल ही पंजाब से अपने घर के लिए निकल पड़े थे। सफर लंबा था, लेकिन हिम्मत बहुत थी। इनको पता नहीं था कि वह अपने अंतिम सफर पर निकले हैं। तेज रफ्तार से आई एक बस ने 6 मजदूरों के परिवार की उस उम्मीद को ही खत्म कर दिया, जिसके लिए वह दूसरे राज्य में मजदूरी कर रहे थे।

हादसे में घायल हुए मजूदरों ने आपबीती सुनाते हुए कहा, जब पहली बार लॉकडाउन लगा तो फैक्ट्री मालिक ने हमें कुछ पैसे दिए और खाने पीने का इंतजाम भी किया। लेकिन जैसे-जैसे लॉकडाउन बढ़ा, उसकी हिम्मत भी जवाब देने लगी। उसने हमें तनख्वाह और खाना देने से मना कर दिया। हम भी मजबूर थे जब तक पैसे थे तब तक काम चलाया, पैसे ख़त्म होने को आए तो हम अपने घरों की ओर निकल लिए।

घायलों ने बताया, हम भूखे थे, सैकड़ो किमी पैदलकर आ रहे थे। रात 12 से डेढ़ बजे के बीच सहारनपुर से मुजफ्फरनगर की ओर बढ़ रहे थे। सामने ही लगभग 1 किमी की दूरी पर टोल प्लाजा दिखाई पड़ रहा था, वहीं रुककर कुछ खाने की बात तय हुई थी। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही सहारनपुर की ओर से खाली सड़क पर रोडवेज की बस ने उन्हें रौंद दिया। हमारे 6 साथी की मौत हो गयी। 

रवीन्द्र तिवारी

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