प्रतिभा को सलाम-08 : बलिया के इन शिक्षकों ने दिखाया परिस्थितियों से निपटने का जज्बा


बलिया। परिस्थितियां कभी समस्या नहीं बनती, समस्या तब बनती है जब उनसे निपटना नहीं आता...। शायद यही कारण है कि बेसिक शिक्षक हर परिस्थितियों से निपट लेते है, क्योंकि वे किसी भी समस्या को बड़ी सलीके से Solve करना जानते है। बात रेलवे स्टेशन व रोडवेज स्टेशन पर Covid19 ड्यूटी की हो या Online Education को बढ़ावा देने की, शिक्षक हर जगह तन्मयता से अपने कर्तव्य-पथ पर डटे है। आइएं जानते है इस विषम परिस्थिति में परिषदीय बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लास की कहानी बलिया के शिक्षकों की जुबानी...


         सीमा यादव

इस विषम परिस्थिति में क्लास का संचालन हो सकता है, वो भी बेसिक के बच्चों के लिए कभी सपने में भी नहीं सोची थी। पर आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। मैंने भी प्रयास करना प्रारम्भ कर दिया। विद्यालय की टीम ने मेहनत कर बच्चों के अभिभावकों के ग्रुप बनाये। मैंने उस ग्रुप पर प्रभावी वीडियो बनाकर सेंड करना शुरु कर दिया। अब तो समस्या समाधान हेतु बच्चे वॉइस कॉल भी कर लेते और जिन बच्चों को ऑनलाइन क्लास का लाभ मिल पा रहा है, वे बच्चे व अभिभावक प्रसन्न है। मेरी Video, इ-पाठशाला फेसबुक समूह बलिया पर खूब देखी व पसंद की जा रही है। जिले के अन्य व्हाट्सप्प ग्रुपों में भी शेयर की जा रही है। मैं भी ऑनलाइन पढ़ाने की मुहिम का हिस्सा बन गयी हूं। 

श्रीमती सीमा यादव, सअ
प्राइमरी स्कूल (English) राजपुर
ब्लॉक-बेरुआरबारी


    अजीत कुमार सिंह

मेरे प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर पर पहले से ही ऑनलाइन क्लास संचालित है, परन्तु कोरोना महामारी के चलते विद्यालय बंद हो जाने से हम सब परेशान होने लगे कि अब बच्चों की शिक्षा के लिए क्या किया जाय? इसी उधेड़बुन में थे, तभी शासनादेश आ गया कि WhatsApp के माध्यम से क्लास का संचालन किया जाय। तब मैंने प्रबंधन समिति के सदस्यों व समाजसेवी लोगों से संपर्क साधा। विद्यालय के बच्चों के अभिभाको के नंबर का व्हाट्सप्प ग्रुप बनाया। फिर शुरु हो गया क्लास का संचालन। मैं मिशन शिक्षण संवाद बलिया समूह का ग्रुप एडमिन होने के नाते समूह द्वारा प्रसारित शिक्षण सामग्री प्रतिदिन व्हाट्सप्प ग्रुप पर भेजने लगा। बच्चे होमवर्क करके ग्रुप पर भेजने लगे व विद्यालय के सभी शिक्षको की मदद से बच्चों का पढ़ाई से जुड़ाव हो गया है। इस नवीन सत्र हेतु गूगल फॉर्म की मदद के ऑनलाइन प्रवेश भी गतिमान है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि जल्द ही अनुकूल परिस्थितिया होंगी व सामान्य दिनों कि भाति पठन-पाठन का कार्य प्रारम्भ होगा।

अजीत कुमार सिंह, प्रअ
प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर 
ब्लॉक-बेरुआरबारी

      प्रतिभा सिंह

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से हमारी शिक्षा व्यवस्था बहुत प्रभावित हुई। ऐसा लगने लगा जैसे सबकुछ ठहर गया। हम असहाय से महसूस करने लगे। परंतु एक कहावत है न कि 'जहां चाह वहां राह' बस हमारी सहयोगी शिक्षिका दिव्या और सुनीता व कुछ शिक्षक बंधुओं से प्रेरित होकर हमारा हौसला बढ़ा। मैंने भी ऑनलाइन शिक्षण का कार्य शुरू किया। आज मुझे इस बात की बहुत प्रसन्नता है कि मैं भी इस मुहिम से जुड़कर शिक्षण कार्य में संलग्न हो गयी हूं। हमारे बच्चे लाभान्वित भी हो रहे हैं। आशा ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि हमारे द्वारा बनाये गए शिक्षण संबंधी वीडियो बच्चों के लिए बहुत उपयोगी साबित होंगे। इन वीडियो द्वारा दूसरे विद्यालयों के बच्चे भी लाभान्वित हों।

प्रतिभा सिंह, प्रअ
प्रावि रविदास प्रांगण, टीकादेवरी
ब्लाक : चिलकहर

संकलन : नन्दलाल शर्मा
प्रधानाध्यापक 
प्राथमिक विद्यालय तेतरा, सीयर बलिया


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