प्रतिभा को सलाम-07 : Online शिक्षा की नींव को मजबूती देने में जुटे बलिया के ये कर्मवीर


बलिया। जीवन में कठिनाइयां हमें बर्बाद करने नहीं, बल्कि हमारी छुपी हुई शक्तियों को बाहर निकालने में हमारी मदद करने के लिए आती है। कठिनाइयों को यह जान लेने दो कि, आप उससे भी ज्यादा कठिन हो। यह लाइनें बेसिक के उन शिक्षक-शिक्षिकाओं पर सटीक बैठती, जो इस समय ऑनलाइन क्लास का संचालन कर रहे है। प्रस्तुत है ऑनलाइन क्लास की कहानी बलिया के शिक्षकों की जुबानी...


लॉकडाउन-1 के मध्य महसूस होने लगा कि बच्चों के साथ इस महामारी में नाइंसाफी हो रही है। बच्चों से टेलिफोनिक बात करने पर उनके मन में निराशा का भाव झलकता दिखा। फिर मिशन शिक्षण संवाद के अंतर्गत इस महामारी के वक़्त अपने सहयोगियों तथा अनुभव के साथ अपने विद्यालय के बच्चों के लिए क्या किया जा सकता है, इस पर गंभीर विचार किया। लॉक डाउन 2 के प्रथम दिन जूम एप द्वारा विद्यालय के सभी अध्यापकों के साथ लगभग एक घंटा चर्चा किया। निश्चय किया गया कि विद्यालय के बच्चों, अभिभावकों, एसएमसी सदस्यों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए। चूंकि विद्यालय पर पहले से ही ऑनलाइन शिक्षण के लिए सभी कक्षाओं में स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर, स्पीकर के माध्यम से यूट्यूब एवं दीक्षा एप से शिक्षा दी जाती थी। इसलिए 65 का व्हाट्सएप ग्रुप आराम से बन गया। बच्चों के साथ संवाद एवं शैक्षणिक गतिविधियां चलती रही, लेकिन 1 मई 2020 से समय सारणी के अनुसार कक्षाओं का संचालन सभी अध्यापक अपने-अपने विषयों की जिम्मेदारी संभाल लिए। ग्रुप में बड़ा Video शेयर नहीं किया जाता है, ताकि अभिभावक आसानी से डाउनलोड कर लें। प्रथम सप्ताह के अनुभव के साथ अब कक्षाओं को संचालित करने एवं बच्चों में जागरूकता लाने में हम सभी शिक्षकों को आनंद आने लगा है। इसके साथ ही विद्यालय द्वारा ऑनलाइन प्रवेश भी आरंभ कर दिया गया है। अभिभावकों के फीडबैक के लिए विद्यालय का वेबसाइट बनाया गया है। यूट्यूब चैनल जीपीएस मझौली भी संचालित होता है।  

               विपिन कुमार जायसवाल

विपिन कुमार जायसवाल, प्रअ
कन्या प्रावि मझौली
शिक्षा क्षेत्र-दुबहर 


Lockdown की वजह से बच्चों की प्रभावित होती शिक्षा को पटरी पर लाने के लिए उधेड़-बुन में था, तभी हरिबंश राय बच्चन की पंक्ति कोशिश करने वालों की हार नहीं होती... याद आई। फिर बच्चों तक पहुंचने की योजना बनाई। सफलता भी मिली। समय-समय पर अग्रज बलवंत सिंह, अरुण पाण्डेय, अभिषेक सिंह तथा अनिल सिंह का सही मार्गदर्शन मिला और घर बैठे ही Online क्लास के माध्यम से विज्ञान विषय का पाठ अपने स्कूल के बच्चों तक नियमित पढ़ा रहा हूं। इसमें बच्चों के साथ अभिभावक भी सहयोग कर रहे है। कोई विषय सम्बन्घित परेशानी होने पर उन्हें वॉइस कॉल, एसएमएस के माध्यम से दूर करता रहता हूं।

             अखिलेश कुमार जायसवाल

अखिलेश कुमार जायसवाल
उच्च प्राथमिक विद्यालय परसिया 
शिक्षा क्षेत्र-चिलकहर


कोरोना महामारी से बचाव हेतु देशव्यापी लॉकडाऊन जारी है। सभी शिक्षण संस्थाएं बंद है। इस संकट के समय हमारे बच्चों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए मेरे विद्यालय परिवार ने WhatsApp के जरिये पठन-पाठन जारी रखने का प्लान किया। सर्वप्रथम प्रधानाध्यापिका मनीषा सिंह और तारकेश्वर सर ने बच्चों तथा अभिभावको से संपर्क कर व्हाट्सप्प ग्रुप बनाया। बच्चों को आपस में जो बच्चे अगली कक्षा में जा चुके है वो अपने से छोटे क्लास वाले बच्चों को पुरानी पुस्तकों को आदान-प्रदान करने को कहा, जिससे ज्यादातर बच्चों तक पुस्तकें उपलब्ध हो गयी।  ग्रुप के माध्यम से प्रतिदिन विषयवार पठन-पाठन का कार्य चल रहा है। वीडियो क्लिप के माध्यम से इसे रुचिकर बनाने का प्रयास करता हूं। mission e prerna के अंतर्गत  जो भी  शैक्षिक सामग्री तथा डीडी उत्तर प्रदेश द्वारा जो शैक्षिक प्रोग्राम व आओ अंग्रेजी सीखे को ग्रुप में बच्चों के साथ साझा करता हूं। निष्ठा की ट्रेनिंग में आईसीटी का प्रयोग कैसे करे, बताया गया था। उसके आधार पर मैंने यूट्यूब चैनल बनाया है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक ज्ञान का प्रसार हो। नि: संदेह सभी बच्चों को अब भी लाभ नहीं मिल रहा है, पर मुझे संतोष इस बात का है कि इस विषम परिस्थिति में कुछ न कुछ बच्चे जरूर सीख रहे है। हम भी बहुत कुछ सीख रहे है। 

                      गंगदेव पाठक 

गंगदेव पाठक, सअ
प्रावि बलेसरा नं.2
शिक्षा क्षेत्र-चिलकहर


संकलन : नन्दलाल शर्मा
प्रधानाध्यापक 
प्राथमिक विद्यालय तेतरा, सीयर बलिया




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