प्रतिभा को सलाम-06 : बलिया के ये Teacher सरपट दौड़ा रहे Online Education एक्सप्रेस


बलिया। बारिश की बूंदें भले ही छोटी हों... लेकिन उनका लगातार बरसना बड़ी नदियों का बहाव बन जाता है… यह पक्तियां बलिया में Online Class चला रहे अध्यापक-अध्यापिकाओं पर सार्थक सिद्ध हो रही है। प्रस्तुत है ऑनलाइन क्लास की कहानी बलिया के शिक्षकों की जुबानी...


आज पूरा वर्ल्ड Global epidemic व Covid19 से जूझ रहा है। इस चुनौतीपूर्ण समय में हमें साहस और धैर्य के साथ आगे बढ़ते रहना है। हम टीचर्स है। हमारा काम है पढ़ना और पढ़ाना। Lockdown में बच्चों की study break न हो। वो study के साथ साथ present time में corana virous से भी अपडेट रहे। इसके बारे में सोच कर मैंने उन्हें online माध्यम से पढ़ाने की सोची। ये भी एक चुनौतीपूर्ण काम था, क्योंकि हम जानते है कि सभी बच्चों के parents के पास स्मार्ट phone नहीं है। पर वो कहते है न कि... कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती...। फिर क्या था, मैंने phone calling द्वारा ही पढ़ाना शुरू कर दिया। बच्चों से मैंने books back class वालों को शेयर कराया और शुरू हो गया पढ़ने-पढ़ाने का सिलसिला। बच्चे तो ख़ुश थे ही, Parents भी ये देख कर बहुत ख़ुश हो गए, जिनके पास Smart phone था। उनको मैंने स्वयं के प्रयास से बनाये गए study materials, audio और video clips तथा पहले के Classroom studies videos के माध्यम से पढ़ाने लगी। जहां उनको problems होती है, उन्हें call द्वारा समझाने  की कोशिश करती हूं। बच्चे online study के साथ साथ tecnology और उसके उपयोग के  बारे में भी देख और सीख रहे हैं। दूसरों को सीखा रहे हैं। future के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।

 संगीता

संगीता, सअ
प्रावि पानी टंकी 
शिक्षा क्षेत्र-गड़वार


कोविड-19 महामारी की वजह से पूरे देश में विद्यालय बन्द चल रहे है। बच्चो की पढ़ाई सुचारू रुप से जारी रखने के लिए मैं गणित की आनलाइन कक्षा चलाकर बच्चों को पढ़ा रहा हूं। शुरुआत में Video बनाने में बहुत समस्या हुई।15 मिनट का Video बनाने पर वह 2GB तक का हो जाता था, जिसको भेजना संभव नही था। YouTube के माध्यम से जानकारी प्राप्त करके 2GB का Video कमप्रेस किया। wattapp पर Video भेजने के लिये 40MB तक कमप्रेस किया, ताकि अभिभावक आसानी से डाउनलोड करके बच्चों को दिखा सके। YouTube पर अपलोड करने के लिए 125MB तक कमप्रेस किया कि YouTube पर Video स्पष्ट आये। मेरी YouTube तथा जनपद के विद्यालयों के समूहों मे भी शेयर किया जा रहा हैं। बच्चों को फोन के माध्यम से भी गणित में आने वाली समस्या का समाधान कर रहा हूं। बच्चे Video मे दिये गये गृहकार्य को रुचि पूर्वक कर रहे है। मेरा  प्रयास अब सफल हो रहा है। हमे भी बच्चों के साथ जुड़े रहने पर अच्छा लग रहा है।

 संजीव कुमार चौरसिया


संजीव कुमार चौरसिया, सअ
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कल्यानीपुर
शिक्षा क्षेत्र-चिलकहर


मेरा मानना था कि सभी बच्चो के पास स्मार्टफोन नही है तो पढ़ने-लिखने में कठिनाई होगी। पर मैंने देखा कि हमारे अध्यापक भाई-बहन इस काय॓  को करने के प्रयास कर रहे है। फिर मुझे उस मैना की कहानी याद आई, जो जंगल की आग बुझाने के लिए अपनी चोंच में पानी लाती। जब एक कौए ने उसका मजाक उड़ाया तो वह मैना बहुत शांति से बोली कि वह तो सिर्फ इतना चाहती है कि जब भी जंगल की आग की चर्चा हो तो उसका नाम आग बुझाने वालों में शामिल हो न कि हंसने वालो में। मैने विद्यालय की रसोइया से अभिभावको के फोन नंबर प्राप्त किया। उनसे बात की। स्मार्ट फोन वाले अभिभावको को ग्रुप में जोड़ा। जिनके पास साधारण फोन है, उन बच्चो से फोन पर गिनती, पहाडा, name of the days, months name, simple conversation आदि पूछती रहती हूं। बच्चे और अभिभावक फोन का इंतजार भी करते है। बच्चे बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रहे है कि जल्दी ही स्कूल खुले और हम भी, ताकि वह सभी बच्चे पढ़ाई कर सके जो फोन के आभाव में हम से नही जुड़ पा रहे है। मै अपने समस्त स्टाफ को धन्यवाद देती हूं, जो इस पुनीत कार्य को तन्मयता से कर रहे है।

 सुनीता कुमारी

सुनीता कुमारी, प्रधानाध्यापक 
अमाप्रावि संवरा 
शिक्षा क्षेत्र-चिलकहर


संकलन : नन्दलाल शर्मा
प्रधानाध्यापक 
प्राथमिक विद्यालय तेतरा, सीयर बलिया

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