Lockdown में हुआ प्यार, बसा लिया संसार ; ये है पूरा मामला


कानपुर। लॉकडाउन में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। यहां एक ऐसी ही कहानी प्रकाश में आई है, जो किसी फिल्मी स्टोरी से कम से नहीं है। लाइन में बेठकर खाना मांगने वाली एक लड़की से ही युवक को इस कदर प्यार हो गया कि वह उसे अपना हमसफर बना लिया। दोनों भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सामने जीवन की डोर में बंध गए।

ये है पूरा मामला

शहर में रहने वाली नीलम के पिता की लगभग 7 साल पहले मौत हो चुकी थी। मां पैरालाइसिस से पीड़ित हैं। भाई और भाभी ने मां-बेटी को उनकी खुद के हाल पर छोड़ दिया था। नीलम अपनी बीमार मां का सहारा थी। लॉकडाउन लगने की वजह से मां बेटी दो वक्त की रोटी के लिए भी मोहताज गई। नीलम ने सोचा कि इस तरह से घर में बैठेगी तो मां बेटी भूख से मर जाएगी। नीलम सुबह शाम खाना मांगनों वालों की लाइन में बैठती और मां को खाना खिलाने के बाद खुद भी खाती थी।

वही, पुराना कानपुर के रहने वाला अनिल अपने मालिक लालता प्रसाद के साथ लॉकडाउन में रोजाना खाना बांटने जाता था। लालता प्रसाद किसी कारणवश नहीं जा पाते थे तो अनिल अकेले ही लंच पैकेट बाटता था। अनिल ने बताया- मैं रोजाना खाना बांटने जाता था तो नीलम को देखता था। मुझे ऐसा लगता था कि यह लड़की हालात की मारी है, जिसकी वजह से आज यह इस लाइन में बैठी है। ऐसे ही एक दिन मेरी नीलम से बात होने लगी तो उसने बताया कि पिता नहीं और मां को पैरालाइसिस अटैक पड़ा था। 

फिर नीलम से मेरी रोजाना बात होने लगी। हम दोनों एक दूसरे को पंसद करने लगे। लॉकडाउन के दौरान जब बहुत प्रशासन बहुत अधिक शख्त था तब भी मैं नीलम की मां और नीलम को खाना देने जाता था। वही, नीलम ने बताया, मैं भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं। मैने घर के हालात देखकर शादी का सपना देखना छोड़ दिया था। मुझे इस बात की उम्मीद नहीं थी कि मेरी शादी होगी और अनिल जैसा नेकदिल इंसान मुझे मिलेगा।

 

Post a Comment

0 Comments