दर्द-ए-सफर : महिला ने बस में दिया जुड़वा बच्चों का जन्म, लेकिन...


बरेली। श्रमिक भूख प्यास से तड़पते हुए पलायन करने को विवश हैं, लेकिन उनके इस दर्द-ए-सफर का अंत कब होगा? इसका जवाब किसी के पास नहीं है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बरेली का है। यहां हापुड़ से पश्चिम बंगाल जा रही एक गर्भवती महिला ने बस में प्री-मेच्योर जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। लेकिन इलाज के अभाव में दोनों की मौत हो गई। उनके साथ निकले श्रमिक उन्हें बरेली में छोड़कर अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो गए।

पश्चिम बंगाल निवासी मिथुन मियां हापुड़ जिले में ईंट भट्ठे पर काम करते है। दो माह से लॉकडाउन के बीच भट्ठा बंद हो गया। इससे उनके सामने खाने का संकट खड़ा हो गया। इसलिए मिथुन व उसके 40 साथियों ने अपने राज्य जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। कोई सरकारी मदद नहीं मिली। इसके बाद उन लोगों ने निजी बस से सभी मजदूर शनिवार शाम पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए।

बस में मिथुन की छह माह की गर्भवती पत्नी फातिमा भी थी। बस बरेली जिले में बिथरी इलाके में नेशनल हाईवे पर पहुंची थी, तभी फातिमा को प्रसव पीड़ा शुरु हो गई। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही फातिमा ने दो बेटियों को जन्म दे दिया। एक मृत पैदा हुई थी। एंबुलेंस की मदद से फातिमा व उसके बच्चों को जिला महिला अस्पताल लाया गया, जहां दूसरी नजवात ने भी दम तोड़ दिया। 

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