रेलवे ने विशेष गाड़ियों से अब तक पहुंचाए 3,40,000 प्रवासी श्रमिक


गोरखपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा इस लाॅकडाउन अवधि में श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुॅचाने हेतु सम्पूर्ण भारतीय रेल पर श्रमिक विशेष गाड़ियों का संचलन किया जा रहा है। 17 मई, 2020 तक पूर्वोत्तर रेलवे पर 267 श्रमिक विशेष गाड़ियों से लगभग 3,40,000 प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न स्टेशनों पर पहुॅचाये गया।

पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 78 श्रमिक विषेष गाड़ियां आयी। इन श्रमिक विशेष गाड़ियों से आजमगढ़ में 21802, बलिया में 23629, छपरा में 15565 देवरिया में 13505, गाजीपुर सिटी में 4927, मऊ में 16908 तथा सीवान स्टेषन पर 4435 प्रवासी श्रमिकों सहित कुल 100771 यात्रियों को पहुंचाया गया।

लखनऊ मंडल के विभिन्न स्टेषनों पर 173 श्रमिक विशेष गाड़ियां आयी। इनमें सबसे ज्यादा 90 श्रमिक विशेष गाड़ियाँ गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर आईं जिससे एक लाख से ज्यादा यात्री अपने गन्तव्य स्थान तक पहुंच सके। इन श्रमिक विशेष गाड़ियों से गोरखपुर में 100703, बस्ती में 37750, गोण्डा में 60303, सीतापुर में 8276, लखनऊ जं. में 2375 तथा बलरामपुर में 9295 प्रवासी श्रमिकों सहित कुल 223377 यात्रियों को पहुंचाया गया।

इसी प्रकार इज्जतनगर मंडल के स्टेशनों पर 16 श्रमिक विशेष गाड़ियां आयी। इनके माध्यम से कन्नौज में 152, फर्रूखाबाद में 2496, कासगंज में 11142, काठगोदाम में 1028 तथा लालकुआं में 2544 यात्रियों सहित कुल लगभग 19937 प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया गया।
     
जहां एक ओर प्रवासियों को लेकर गाड़ियाँ निरन्तर पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों पर आ रही हैं वहीं अब जलालपुर स्टेशन से राज्य सरकार की मांग पर 05 ट्रेनें अलग-अलग स्थानों के लिये चलाई गई, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में फंसे यात्रियों को सुविधा मिल रही है। 

प्रवासी श्रमिकों के अपने निवास के निकटवर्ती स्टेशनों पर आते ही उनके चेहरे पर खुशी स्पष्ट परिलक्षित हो रही है। प्रवासी श्रमिकों से स्टेशन पर गाड़ियों से उतरते ही निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए उनके थर्मल स्क्रीनिंग करायी जा रही है और आवश्यक जांच के उपरान्त जिला प्रषासन द्वारा उन्हें गंतव्य तक भेजा जा रहा है। लम्बी दूरी की श्रमिक विशेष गाड़ियों में खाने के पैकेट एवं पानी उन्हें दिये जा रहे है। रेलवे प्रशासन द्वारा राज्यों की मांग पर आवश्यकतानुसार श्रमिक विषेष गाड़ियों का संचलन आगे जारी रहेगा।


                                                   



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