बलिया BSA ने DC अजीत पाठक और शिक्षकों के जज्बे को यूं किया सलाम

               शिव नारायण सिंह, BSA



सलाम है उस जज्बे को, 
जिसे विश्वास है हम जीतेंगे!
नहीं हारेंगे चाहे कुछ भी करना पड़े!
नहीं हटेंगे, डटे रहेंगे !
देखा है मैंने, उन निगाहों को, 
जो ताड़ती रहती हैं कि,
ट्रेन आने वाली है!
भीड़ में तड़पते लोगों को,
संभालना होगा ! 
कुछ तो उन्हें ढांढस बंधाना होगा!
तभी अचानक खयाल आता है कि,
बस भी आने वाली है बस अड्डे पर,
वहां भी तांडव होगा, 
भीड़ को संभालना होगा! 
सलाम है उस शख्सियत को,
जिसने यह बनाया होगा कि,
आई यह किस तरह की आपदा में,
हमें अपनी इंसानियत को जगाना होगा,
तैयार करना होगा,
युद्ध की तरह ही हमें निपटना होगा!
मन में जज्बात पैदा करके,
हर संभव,
इस लड़ाई को जीतना होगा!
तभी हम गाथा गा पाएंगे कि,
हमने कुछ किया है,
कुछ खोया है !
उन हालातों में भी,
बिना किसी सुरक्षा के,
अपना आपा भी नहीं खोया !
चाहे दिन हो या रात,
किसी ने नहीं देखा ऐसे हालात!
डटे रहे,
बिना किसी परवाह के,
निडर होकर!
सिर्फ अपना फर्ज निभाया!
मर मिटने को,
जंग जीत जाने को!
मन में उत्साह लिए,
ऐसे जाबांजों को मेरा सलाम है !
जो बेसिक शिक्षा की शान हैं!!


शिवनारायण सिंह, BSA बलिया की फेसबुकवाल से

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