बेसिक शिक्षा मंत्री ने वाराणसी समेत पांच बीएसए की थपथपाई पीठ, हटाए गये एक


लखनऊ। लगातार मिल रही शिकायतों और कायाकल्प अभियान में दिलचस्पी न दिखाना सिद्धार्थनगर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी को महंगा पड़ा। गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हटाने के निर्देश दिए। देर शाम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ सूर्यकांत त्रिपाठी को पद से हटाकर निदेशालय से अटैच कर दिया गया। वहीं, एडी बेसिक बस्ती मंडल कृपा शंकर वर्मा को चार्ज सौंपा गया है।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी ने परिषदीय स्कूलों को चमकाने के लिए शुरू किए गए कायाकल्प अभियान के 18 मानकों पर सभी जिलों को कसा। इसमें हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद, बिजनौर, वाराणसी जिले में अच्छा काम किए जाने पर बीएसए की पीठ भी थपथपाई। 

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी ने सभी बीएसए को निर्देश दिए कि वह शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व कस्तूरबा गांधी विद्यालय के शिक्षकों के वेतन, मानदेय और एरियर भुगतान समय पर करने तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों के जीपीएफ व पेंशन से संबंधित देयकों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस दौरान मंत्री ने सिद्धार्थनगर के बीएसए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें हटाने के निर्देश दिए।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी ने दूसरे जिलों के बीएसए को भी चेतावनी दी। समीक्षा बैठक में उन्हें जानकारी दी गई कि अभी तक ई-पाठशाला के अंतर्गत 60 प्रतिशत शिक्षकों ने सहभागिता की है। विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ-साथ ऑनलाइन प्रतियोगिताएं भी करवाई जा रही हैं।


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