बलिया : 24 घंटे के अंदर मृत तीन कामगारों की हुई सैंपलिंग, ये है पूरा मामला


बलिया। श्रमिक स्पेशल ट्रेन तथा बसों से घर लौट रहे तीन प्रवासी श्रमिकों की मौत 24 घंटे में हो गयी। तीन मौत की सूचना के बाद हड़कंप मच गया। सफर के दौरान मौत के बाद कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए तीनों के शव से सैंपलिग की गई। 

बता दें कि मंगलवार की देर रात बिहार के हाजीपुर जाने के क्रम में बलिया रेलवे स्टेशन से गुजर रही दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से बिहार जा रहे श्रमिकों में से दो श्रमिकों की तबियत बीच रास्ते में ही खराब हो गई। समय पर उनका उपचार भी नहीं हो पाया, नहीं तो उनकी जान बच सकती थी, लेकिन ट्रेनों में किसी भी तरह का कोई इंतजाम न होने के चलते दोनों श्रमिकों की जान चली गई। बलिया स्टेशन को इस बात की सूचना मिलने पर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। 

भूषण सिंह (48) पुत्र राम अयोध्या सिंह, वंशीछपरा, थाना एकमा, छपरा बिहार की बलिया पहुंचने से पूर्व ही ट्रेन में मौत हो गई। वहीं मुबई से मुजफ्फरपुर जा रही श्रमिक स्पेशल में कामगार सोमरण राय (21) पिता रामनरायण राय, निवासी चिकना दूधी, जनकपुर नेपाल बलिया तक जीवित थे, यहां साथियों की सूचना पर चिकित्सकों व आरपीएफ ने ट्रेन को स्टेशन पर रोक उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उधर, रोडवेज बस स्टैंड पर सूरत से लौटे श्रमिक की मौत भी बलिया पहुंचने से पहले ही हो गई थी। वह अपनी पत्नी के साथ बस से आ रहा था। रास्ते में वह अपनी सीट पर सो गया था, लेकिन बलिया पहुंचने के बाद जब उसकी पत्नी उठाने लगी तो उसके होश उड़ गए। वह बस में ही रोने चिल्लाने लगी। इसके बाद मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसके शव को बस से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजवाया। मृतक मुनीब शाह (30) निवासी मधुबनी, थाना बैरिया अपनी पत्नी प्रियंका के साथ गुजरात में रहते थे। 

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