बलिया में हरे पेड़ों की कटाई का बड़ा खेल आया सामने, जांच शुरू ; मचा हड़कम्प


बलिया। जिनको रक्षा का दायित्व मिला, वही दमन करने पर उतर आए तो जीवन पर संकट का बादल छाना स्वभाविक है। कुछ ऐसे ही संकट का सामना जिले में वन विभाग की ओर से लगे पेड़ कर रहे हैं। वन विभाग के जिन कर्मचारियों और अधिकारियों को पेड़ों की निगरानी और देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वही कर्मचारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रहें हैं। विभागीय उच्च अधिकारी हाथ पर हाथ धरे तमाशबीन बने हुए हैं। 


जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर बलिया- बांसडीह मार्ग से निकला राजपुर-सहतवार लिंक मार्ग के दोनों ओर लगे शीशम के दर्जनों पेड़ विभागीय भ्रष्टाचार के शिकार होकर इमारती लकड़ी में तब्दील हो गए हैं। पेडों को काटने का काम बड़े ही निर्भयता के साथ किया जा रहा है, वजह अधिकारियों का साथ होना है। हरे पेडों को काटने से पहले उसकी टहनियों को काटकर सूखने के लिए छोड़ा जाता है, उसके बाद पेडों को काटा जाता है। पेडों की कटाई का साक्ष्य मिटाने के लिए जमीन खोदकर जड़ भी निकाल लिया जाता है। 



इसके लिए स्थानीय मज़दूरों का उपयोग विभागीय कर्मचारी करते हैं। पेड़ काटने और जड़ निकालने में लगे मज़दूरों का कहना है कि हमे दिन भर की मजदूरी मिलता है और बताया जाता है कि इस जगह पर नए पेड़ लगाए जाएंगे। जानकारी के लिए बताते चलें कि कटे पेडों की जगह अभी तक पौधरोपण नही हुआ है। मज़दूरों के मुताबिक पेडों को अवैध रूप से कटवाने का काम वन विभाग के वाच मैन ओ पी मिश्रा और वन रक्षक जितेंद्र पाण्डेय करते हैं। 



अधिकारियों की मिली भगत से चल रहा खेल

अवैध रूप से पेड़ कटवाने का आरोपित वन रक्षक का कहना है कि पेड़ों को काटने का काम मनियर रेंज के रेंजर के मौखिक आदेश पर किया गया है। इस संदर्भ में रेंजर का कहना है कि मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है, जबकि पूर्व में इसकी जांच के लिए उनकी तरफ से लिखित आदेश जारी किया जा चुका है। दायित्वों से बचते हुए रेंजर का  यह भी कहना है कि यह क्षेत्र उनके कार्यक्षेत्र में नहीं है। रेंजर के मुताबिक यह क्षेत्र बांसडीह क्षेत्र में आता है। 



चल रही जांच, होगी कार्रवाई : डीएफओ

राजपुर-सहतवार लिंक मार्ग पर अवैध रूप से कटे पेडों की कटाई के सम्बंध में डीएफओ श्रद्धा यादव का कहना है कि इसकी शिकायत मुझे मिली है। जांच के लिए वन विभाग की टीम लगी हुई है। यह मामला बांसडीह रेंज का है। रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनका यह भी कहना है कि हरे पेड़ों की कटाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यहां तक कहा कि जांच रिपोर्ट संतोषजनक नहीं मिलने पर पुनः दूसरी जांच करायी जायेगी। 


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