अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं हैं, सिर्फ आप...


कोरोना वायरस (कोविड 19) एक ऐसा  खतरनाक मंजर लेकर आया है, जिसके नाम से समाज में भय व्याप्त हो गया है। अपनों से दूर होना कत्तई अच्छा नहीं, लेकिन हम समझ नहीं पा रहे हैं और जो चाहते थे, वही प्रकृति दे रही है। हालांकि अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है। घर में रहकर मंथन किया जाय। सब कुछ अच्छा होगा। यह एक सन्देश ही है कि आप घर में रहकर अपनापन लाने की कोशिश करें, क्योंकि प्रकृति ने अपना रुख अख्तियार कर लिया है।

अपनों से दूर न जाइएं, अगर नहीं माने तो... 

एक साथ रहना। भोजन करना। बात करना। कोई भी बात कान में धीरे से बताना। शायद अब यह कल्पना रह जायेगा। वजह कि कोरोना संक्रमण ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इसका मुख्य कारण भी हम और आप ही हैं। बड़ी उत्तेजना में बोलकर कहते थे, अरे छोड़िये जी दूर हटिये। कोई अपना नहीं है। वाकई अपना नहीं है। मन में तरह-तरह की भ्रांतियां आती गईं। हम दूर होते गए। इसी में कोरोना वायरस धमक गया, बना लीजिए दूरी। लेकिन अपनो से दूर न जाइये, यह ठीक नहीं। यदि नही माने तो कोरोना का भय हमेशा सतायेगा।

क्या कर रहे हैं समझ नहीं आता, लेकिन...

कोरोना महामारी फैल रहा है। संकट का बादल मंडरा रहा है। इसकी त्रासदी से लोग बेचैन है। श्रमिक अपने गांवों की तरफ चल दिये हैं। जब तक काम लायक रहे, मालिक फरमाते रहे और हम काम करते रहे। जब समय आया तो कोई जगह नहीं। तब मजबूरी है। परिवार को लेकर पैदल ही चल दिये। मुख्य वजह यह भी है कि हमारे पास क्षमता नही है। हम भी ट्रेन से आ सकते थे, लेकिन मजबूरी जो न करा दे। 


बहुत गर्व था बलिया में कोरोना नहीं आएगा

बलिया भृगु मुनि की तपोस्थली है। हमें गर्व था बलिया में कोरोना नहीं आयेगा। गर्व करना भी गलत नहीं था। गृह मंत्रालय द्वारा तीन जोन बनाया गया, जिसमें बलिया ग्रीन जोन में आ गया। लेकिन 11 मई की पहली कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव ने निराश कर दिया। 15 मई को एक साथ 9 लोगों का रिपोर्ट और सख्ते में डाल दिया। उसके बाद 17 मई को दो रिपोर्ट पॉजिटिव आने से संख्या में वृद्धि हुई। अब 12 कोरोना संक्रमित हो गए। कहां तक संख्या बढ़ेगी, बता पाना मुश्किल है। लेकिन ऐसे में बागी धरती को अपना धैर्य का परिचय देना होगा। जो भी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आये हैं। निश्चित ही ठीक होने लायक हैं। परन्तु साहस के साथ घर में रहकर कोरोना से बचा तथा बचाया जा सकता है। लॉकडाउन का अनुपालन होता रहे। सब अच्छा होगा। शुभकामनाएं हैं।


नरेन्द्र मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार 
बलिया 

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