जिंदा जला दुकानदार, मचा हाहाकार


गाजीपुर। सैदपुर मुख्य बाजार स्थित रजनीश झुनझुनवाला उर्फ विक्की (34) अपने कपड़े की दुकान में शार्ट-सर्किट लगी आग की लपटों में जिंदा जल गया। आग से लाखों रुपये का सामान भी जलकर राख हो गया। पांच घंटे से अधिक की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका।  परिवार में कोहराम मचा रहा।

विक्की की बाजार में कपड़े की बड़ी दुकान है। लाकडाउन के चलते यह बंद था। दुकान के ऊपरी तल पर स्थित घर में विक्की उनके बड़े भाई अवनीश झुनझुनवाला और उनकी पत्नी, विक्की की पत्नी व उनकी मां थी। दुकान के पिछले हिस्से में शार्ट-सर्किट से आग लग गई। आनन-फानन अवनीश परिवार की महिलाओं व बच्चों को लेकर बाहर निकल गए लेकिन न जाने क्या लाने वह पुन: दुकान में चले गए और निकल न सके। देखते ही देखते आग की लपटें मकान से बाहर निकलने लगीं। टाउन के टैंकर बुलाकर व छोटे फायर ब्रिग्रेड सिलेंडर से आग बुझाने का प्रयास आसपास के लोगों ने किया लेकिन वह विकराल रूप धारण कर चुका था। 

सूचना पर कोतवाल श्यामजी यादव, सीओ महिपाल पाठक, एसडीएम अनिरुद्ध, ईओ संतोष व बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गई। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई। तहसीलदार दिनेश कुमार द्वारा फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना पर एक के बाद एक फायर ब्रिगेड की तीन गाडिय़ां पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया जाने लगा। करीब पांच घंटे तक आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन पूरी तरह आग नियंत्रित नहीं हो सका। साढ़े पांच बजे विक्की झुलसे हुए मृत हाल में आग के बीच दिखाई पड़े। किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया। वह पूरी तरह जल चुके थे।

परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन

आग की लपट में झुलसकर मृत विक्की को देख परिजनों में कोहराम मच गया। अंदर जाने के बाद न निकलने पर अनहोनी की आशंका में परिवार के लोगों में पहले से ही चीख-पुकार मच गई थी। विक्की के बड़े भाई अवनीश बार-बार विलाप कर रहे थे कि विक्की को बाहर निकालो। लोग उन्हें समझा रहे थे। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग बुझाने में लगे हुए थे। परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोग ढांढस बंधाने में लगे रहे। जब विक्की का शव निकला तो हर आंखें नम हो गईं। 




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