बलिया : इंजीनियरिंग का छात्र था रेल पुल से गिरा युवक, शव को सीने से लगाकर चूमने लगे पिता


बैरिया, बलिया। गुरुवार की सुबह मांझी रेल पुल से गिरकर सरयू में डूबे युवक का शव शुक्रवार को रामघाट के समीप उतरा कर बहने लगा। शव को बहता देख मछुआरों ने उसे नदी से बाहर निकाला। साथ ही इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उपस्थित भीड़ से शिनाख्त कराने की कोशिश की, जिस पर सफलता भी मिली। मृतक रिविलगंज थाना क्षेत्र के सिरिसियां गांव निवासी दिलीप सिंह का पुत्र दीपक कुमार सिंह (25) है।

बताया जा रहा है कि रेल पुल पर सैर सपाटा के दौरान पैर फिसलने से वह नदी में गिर गया था। मछुआरों ने उसे बचाने का असफल प्रयास भी किया था। शव की बरामदगी के बाद नदी में गिरे ब्यक्ति के अप्रवासी होने की चर्चा पर विराम लग गया। मृतक मप्र के इंदौर एमआईटी में इंजीनियरिंग के चौथे सेमेस्टर का छात्र था। कोरोना वायरस संक्रमण पर लॉक डाउन से पहले ही वह घर आया था, तब से घर पर ही था।


मृतक के पिता खाद बीज ब्यवसाई दिलीप सिंह ने कर्ज लेकर बेटे का इंजीनियरिंग में एडमिशन कराया था। शव मिलने के बाद पिता के अलावा मृतक के छोटे भाई अविनाश का रो रो कर बुरा हाल था। मृतक के पिता ने बताया कि बेटों के लिये उन्होंने हाल ही में एक दुधारू गाय खरीदी थी। दो बहनों में बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। 


मांझी बिहार प्रशासन के निर्देश पर शव की बरामदगी के लिए समाजसेवी कृष्णा सिंह पहलवान के नेतृत्व में गोताखोरों का दल दो दिनों से नाव के सहारे खोजबीन के प्रयास में जुटा था। मौके पर मांझी के सीओ दिलीप कुमार, थानाध्यक्ष नीरज मिश्रा, एसआई दरोगा जितेंद्र सिंह, रिविलगंज के सीओ प्रदीप सिन्हा तथा थानाध्यक्ष किशोरी चौधरी के अलावा मुहम्मद परसा पंचायत के मुखिया पति बुलबुल मिश्रा, पूर्व मुखिया गणेश मिश्रा तथा बेबी सिंह के अलावा सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। मांझी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए छपरा भेज दिया।

शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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