बलिया : COVID19 ड्यूटी में DC अजित पाठक बनें नायक, सच जान आप भी करेंगे जज्बे को सलाम


बलिया। यूं तो कोरोना रूपी वैश्विक आपदा से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों में हर किसी का योगदान अतुलनीय है। चाहे वह स्वास्थ्य महकमा हो या फिर पुलिस प्रशासन या बेसिक शिक्षा से जुड़े शिक्षक/कर्मचारी हों या अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी। किसी के योगदान को कमतर आंकना उनकी निष्ठा के साथ नाइंसाफी होगी। बुनियादी शिक्षा की बेहतरी के लिए समर्पित शिक्षकों ने कोविड-19 के दौरान जो सहयोग दिया है, वह वर्षों याद रखा जायेगा। 

गैर प्रान्त व शहरों से हर रोज हजारों की संख्या में घर वापसी किये लोगों की जांच से लेकर उनको घर भेजने तक कि व्यवस्था में प्राथमिक शिक्षकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। वैसे तो इस सूची में सैकड़ों शिक्षक शामिल हैं, लेकिन इसमे एक नाम जिला समन्यवक (एमडीएम) अजित पाठक का है, जो आभासी दुनिया से दूर रहते हुए अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं।  

पिछले करीब 45 दिनों से लगातार 18 से 20 घंटे की ड्यूटी कर इन्होंने फर्ज अदायगी के साथ-साथ विपदा की इस घड़ी में समर्पण की एक मिशाल भी कायम किये हैं। इनके जज्बे को देख कर विभाग के साथ-साथ अन्य सहयोगी भी उनकी सराहना करने में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं। अमर शहीद मंगल पांडेय की जन्मस्थली नगवां निवासी अजित पाठक बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।

प्रवासी कामगारों की वापसी शुरू होने पर इनकी ड्यूटी मॉडल रेलवे स्टेशन पर लगायी गयी। प्रारम्भ में थोड़ी हिचकिचाहट के बाद कार्य में जुटे तो बेहतर समन्वय के लिए विभाग के कर्मचारियों ही नहीं, अपितु स्वास्थ, राजस्व व रेलवे कर्मचारियों का वाट्सअप ग्रुप बना डाला, ताकि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के आगमन की सटीक सूचना अपडेट की जा सके। यही नहीं, इस दौरान जोखिम भरे काम में लगे कर्मचारियों की हौसला अफजाई के लिए देशभक्ति गीतों पर टिक टाक वीडियो बनाकर अपलोड भी करते रहे, ताकि हर रोज ये नए जोश के साथ काम को अंजाम दे सकें। 

अपने व्यवहार से इन कर्मचारियों में परिवार के सदस्य की तरह मिलजुल कर कार्य करने का भाव भी इनमें भरा है। अजित पाठक ने बताया कि वह वर्तमान आपदा में जो कार्य कर रहे है, उसे ड्यूटी मानकर नहीं, वरन सेवा मान कर कर रहे हैं। बताया कि विपत्ति के इस समय में विभाग ने मुझे इस योग्य समझा, यह मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। इसी बहाने देश की सेवा करने का सुअवसर मिला है, जिसे मैं आजीवन याद रखूंगा।


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